कुंजी - कही खो गयी है

श्क्ती जो चेतन थी
अब जड़ हो गयी है |
बचपन मे जो कुंजी मेरे पास थी,
उम्र् बढ़ते-बढ़ते
वह कही खो गयी है |
- दिनकर

Thanks to Pankaj, I have taken a small step in hopefully a long march to home.

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