भारत-अमरीका आदान-प्रदान

लो भई, पंकजजी और अतुलजी जहाँ भारत आने की सोच रहें है वहीं हम दो महीनों के लिये टेक्सास और सैन फ्रेंसिस्को जाने की त्य्यारी में हैं। आशा थी की पंकजजी जो सैन फ्रेंसिस्को के करीब हैं, उनसे मुलाकात हो जाती। खैर फिर कभी।

One Response to “भारत-अमरीका आदान-प्रदान”

  1. यह भी खूब रही।
    आते जाते कोई मनीला रुक रहा है तो बताए!

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