अक्षरग्राम पर डाकूओं का आक्रमण
Posted on जुलाई 30th, 2004 द्वारा पंकज
गाँव वालों, कल अक्षरग्राम पर बड़ा भारी स्पैम अटैक हुआ जिस वजह से टिप्पणी सुविधा थोड़े समय के लिए स्थगित कर दी गई है। असुविधा के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ।
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




आज के जमाने में तो जय (स्पैमकर्मा) और वीरु (अकिस्मत) ‘वर्डप्रैस’ के गांवो की रखवाली के लिए मौजूद हैं, भगवान जाने उस समय आप लोगों ने क्या बंदोबस्त किया।
(टाइम मशीन में भविष्य से आया हूँ, अक्षरग्राम-भ्रमण पर हूँ)