टिप्पणियाँ चालू और कुछ नया
Posted on अगस्त 3rd, 2004 द्वारा पंकज
टिप्पणियाँ फिर से ठीक हो गई हैं देखें अब डाकूओं को पता चलता है कि नहीं। साथ ही मैंने अक्षरग्राम का कच्चा चिट्ठा यानि dev blog http://dev.pnarula.com/ag13 पर स्थापित कर दिया है। यह वर्टप्रैस की 1 अगस्त की नाईटली पर आधारित है। एकाधिक लेखकों वाले ब्लॉग का आयात करते वक्त घालमेल तो यह भी करता है लेकिन admin को लेखकों का नाम इत्यादि करने की सुविधा के कारण चल सकता है। इस बारे में आगे लिखता रहुँगा।
Update: I have again stopped the comments as Akshargram someone spam attacked again and left 165 comments in 30 minutes
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 



