अब आयेगा मजा!
Posted on सितम्बर 22nd, 2004 द्वारा इंद्र
हम भी चौपाल में हाजिरी देने आ गये पंकज के निमंत्रण के साथ। चौपाल के सब दोपायों को राम-राम् ,सलाम या यथायोग्य।
कोशिश यह रहेगी कि राख न ठंडी हो
Filed under: मटरगश्ती
अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम यहाँ रहे।हम भी चौपाल में हाजिरी देने आ गये पंकज के निमंत्रण के साथ। चौपाल के सब दोपायों को राम-राम् ,सलाम या यथायोग्य।
कोशिश यह रहेगी कि राख न ठंडी हो
Filed under: मटरगश्ती
अरे भाई, हमको चौपाल मे नही बुलायेंगे क्या?
तनिक हमको भी बताया जाये कि अक्षरग्राम मे अपनी प्रविष्ट कैसे डाली जाये.
हम निमंत्रण का इन्तजार करेंगे.
जितेन्द्र भाई, हुक्के (ऐडमिन) की ओनरशिप पंकज के पास है, पहली तमाखू (यूजर आईडी . पासवर्ड) वही देते हैं. वही तमाखू चाय वालों की पत्ती की तरह प्रयोग में लायी जा सकती है. सो वही आपको चौपाल का निमंत्रण भेजेंगे.
जितेन्द्र भाई, हुक्के (ऐडमिन) की ओनरशिप पंकज के पास है, पहली तमाखू (यूजर आईडी . पासवर्ड) वही देते हैं. वही तमाखू चाय वालों की पत्ती की तरह बार-बार
प्रयोग में लायी जा सकती है. सो वही आपको चौपाल का निमंत्रण भेजेंगे.