सूचना…
Posted on अक्तूबर 26th, 2004 द्वारा नीरव
अभी मिले एक सुझाव के आधार पर मैंने ये निर्णय लिया है कि ई-मेल वाला नियम हटा लिया जाय। तो मित्रों, अब आप सीधे १ नवंबर को अपना चिठ्ठा अपने ही ब्लॉग पर प्रकाशित करें, इसलिये अब मुझे (नीरव को) प्रेषित करने की आवश्यकता नहीं…
असुविधा के लिये खेद है।
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




सम्मिलित होने के लिये कोई पूर्व सूचना देनी पड़ेगी क्या?
इसे मेरी सूचना और निवेदन माना जाये और अनुगूँज के प्रथम आयोजन मे शामिल होने की अनुमति दी जाय.
आपको किसी भी प्रकार की पुर्व सूचना देने की आवश्यकता नहीं है, और ना ही किसी की अनुमति की। आप सिर्फ १ नवंबर को स्वयं के ब्लॉग में दिये गये विषय पर आलेख प्रकाशित कर इस अभूतपुर्व आयोजन में हिस्सा ले सकेंगे।
कमल का घर
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