चौथी अनुगूँज: आमंत्रण
कैलेंडर के हिसाब से मुझे इस बार अनुगूँज की मेज़बानी का अवसर मिला है। वैसे मेरा मन कुछ हट कर करने का हो रहा है, और मैं देवाषीश बाबू की तरह हाथ में आया मौका छोड़ने वाला नहीं ।
अब तक के सारे अनुगूँज धीरगंभीर विषय पर आधारित रहे हैं| मेरे जेहन में है विषय तो गंभीर है पर लेख अगर व्यंग्यात्मक हों तो उद्देश्य पूरा हो जाये| विषय है श्री लालू प्रसाद यादव| भारतीय राजनीति में मसखरेपन की छवि से ऊपर आकर लालूजी केंद्रीय मंत्री के पद पर सुशोभित हैं| आपको खुली छूट हैं , उनपर कुछ भी लिख डालिऐ| चाहे वह उनके जीवन का अनछुआ पहलू हो, या उनके जीवन,राजनीति से संबधित कोई भी अनोखी घटना, या फिर आप छानबीन कर डालिऐ कि लालू जैसे नेता क्यों सफल हैं हमारी राजनीति में|
यही है चौथी अनुगूँज का विषय: “श्री लालू प्रसाद यादव” इस बार के अनुगूंज की अंतिम तिथि है ३० दिसंबर, २००४, नियमों के लिए यहाँ देखें। तिथि को लेकर सारे विकल्प खुले हैं|
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




Anugunj ke liye pehlaa yogdaan
अरे लिंक तो आया ही नहीं, खैर ये रहा
http://tatkaal.blogspot.com/2004/12/blog-post_26.html
हमरी प्रविष्टी भी देखी जाय…
http://www.jitu.info/merapanna/?p=215
चौथी अनुगूँज - श्री लालू प्रसाद यादव
जब अतुल ने लालू जी का विषय रखा तो सोचा कि अच्छा है खूब लिखेंगे। पर जब लिखने बैठा तो पता लगा कि मैं ज…
[…] चौथा आयोजन, मेज़बान अतुल (१५ दिसंबर, २००४) […]