हग
Posted on दिसम्बर 31st, 2004 द्वारा आलोक
हग हग की मदद से आप साइबर कैफे में भी हिन्दी लिख सकते हैं अपने विचार ईस्वामी जी को ज़रूर लिखें वैसे वह आज्कल यहां भी टहलने आते हैं
अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम यहाँ रहे।हग हग की मदद से आप साइबर कैफे में भी हिन्दी लिख सकते हैं अपने विचार ईस्वामी जी को ज़रूर लिखें वैसे वह आज्कल यहां भी टहलने आते हैं
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