छाहरी, यूनिपैड, हग, IME, और बारहा वाह भई वाह
आज कल बाजार में हिंदी लिखने के अलग अलग तरीकों की भरमार है। स्वामी जी हग और बारहा पेल रहे हैं तो रमण बाबू सोच में पड़े हैं कि, है तो यूनिपैड अच्छा पर IME की बात और है। जीतू भाई तो हनुमान भक्त होते हुए तख्ती न छोड़ेंगे। पुराने पापी पंकज भी यदा कदा IME की शुरली छोड़े देते हैं। अब कौन किसे चाहता है यह तो पंसद की बात है। मुझे लगता है कि लंबी दूरी का घोड़ा ऐसा होना चाहिए कि जैसे हम अंग्रेजी लिखते हैं वैसे ही हिन्दी लिखें। IME बहुत हद तक यह बात पूरी कर देता है। क्यूंकि मैं सीधे किसी भी ऐपलिकेशन में सिर्फ बाईं Alt+Shift दबा कर हिन्दी मोड में आ जाता हूँ और उस के बाद हिन्दी वैसी ही लिखी जाती है जैसी कि अंग्रेजी अब चाहे वह वर्ड हो या फिर जिम्प फिर जब चाहा Alt+Shift दबा कर वापिस अंग्रेजी में। एक चीज जो मैंने देखी है वह है कि मेरी अंग्रेजी में लिखने की गति अभी भी हिन्दी से तेज है इस लिए transliteration को प्रयोग करने वाले कुंजीविन्यास पर मैं ज्यादा तेज लिखता हूँ। पर अड़ियल टट्टू की तरह मैं भी अड़ा हूँ कि Inscript कुंजीपटल को अपना बना कर ही मानुंगा। यदि किसी के पास साधन या क्षमता हो कि लिखने की कौन सी विधि में हिन्दी लिखने के लिए सब से कम कुंजियाँ दबानी पड़ती हैं तो क्या बात है। फिर भी चाह यही होगी कि इस खोज का जो परिणाम निकले उससे Inscript को सुधारा जाए। क्योंकि पेलवान जी वही है आज का अर्जुन।
जाते जाते दो शब्द इनस्क्रिप्ट के बारे में पेशे खिदमत हैं टी डी आई एल के सौजन्य से
इनस्क्रिप्ट (इंडियन स्क्रिप्ट) की-बोर्ड अभिन्यास को डी ओ ई द्वारा 1986 में मानकीकृत किया गया (भारतीय स्क्रिप्ट आधारित कम्प्यूटरों के लिए की-बोर्ड अभिन्यास के मानकीकरण के लिए समिति इलैक्ट्रानिक्स-सूचना एवं योजना जनर्ल भाग 14 नं. 1 अक्तूबर 1986)
……….
इनस्क्रिप्ट ओवले में सब भारतीय लिपियों के लिए अपेक्षित कैरिक्टर होते हैं जैसा ISCII कैरिक्टर सैट द्वारा परिभाषित किया गया है। भारतीय लिपि वर्णमाला की एक तर्कीय संरचना होती है जो ध्वन्यात्मक गुणें से व्युत्पन्न होती है। इसस्क्रिप्ट ओवरले इस तर्कीय संरचना को प्रतिबिम्बित करता है। ओवरले ध्वन्यात्मक/आवृति महत्वों से भी इष्टमीकृत होता है। यह दो भागों में बांटा जाता है: स्वर पैड बाईं ओर और व्यंजन पैड दाहिनी ओर होता है।
जब इनस्क्रिप्ट का प्रयोग आरम्भ किया था तो सीडैक वालों का इनस्क्रिप्ट टयूटर बहुत काम आया था। टयूशन के बिना देसी आगे नहीं बढ़ता। मैं काहे इनस्क्रिप्ट की गाथा गाए जा रहा हूँ क्यूंकि वही है भविष्य विश्वास नहीं आता तो सूरज सेब सभी तो यही कहते हैं
सन इनस्क्रिप्ट
ऐपल इनस्क्रिप्ट
दो शब्द ज्यादा बड़े हो गए अब मैं चुप।
Filed under: तकनीकी

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




मैं फिर आ गया. रमण जी सुनते हैं आप को IME में पंगा पड़ रहा था। मैंने पहले तो IME - Control Panel से लगाई थी और धकाधक चल रही थी। यानि की IE से भी हिन्दी लिखी जाती थी। पर फिर जब मैंने IME v5 लगाई तो वह क्षमता जाती रही। फिर मैंने IME v5 निकाली और दुबारा से यहाँ दिए गए तरीके से पुनः लगाई
http://devanaagarii.net/#Windows
जो कि यह कहती हैं
# Optional For Windows 2000
Go to Control Panel->Regional Settings->Langauges->Check Indic from the list of languages
Click Apply/Ok. You will be asked to enter the Windows 2000 cd. System will have to be rebooted, after which you can choose the keboard layouts.
# Optional For Windows XP
Go to Control Panel->Regional Settings->Langauges->Install support for complex scripts including Thai. Click Apply/Ok. You will be asked to enter the Windows XP cd. System will have to be rebooted, after which you can choose the keboard layouts.
मित्रवर,
ये तो बहुत खुशी की बात है कि हमारे पास इतने सारे साधन हैं देवनागरि मे लिखने के, मगर सौ करोड भारतियों मे से संजाल पर हिन्दी मे लिखने वालों कि संख्या कितनी होगी? और अगर ज्यादा लोग हिन्दी नही लिख रहे तो उसकी क्या वजह है? मुझे ये पता चला कि लोग टूल उतार कर उपयोग ही नही करना चाहते - वो भारतीय जो एक सेंट बचाने के लिये पूरी दुनिया हिला देते हैं उनको अपनी मातृभाषा से बस इतना प्यार है! सभी टूल बना कर मुफ़्त दिये गये हैं!
हग लिखा था खुद के लिये, फ़िर बरहा देखा, फ़िर सोचा हग का क्या करूं? कल्पना किजीये की आप अपने मित्र का पीसी प्रयोग कर रहे हैं या ऐसा पी सी जिस पर ये सब टूल नहीं हैं और आपको हिन्दी कि हगास लगी है फ़िर? इसी लिये हग का अगला वर्शन बनाया - किसी भी साईट में घुसा दो, किसि भी ओपरेटिंग सिस्टम पे चलता है. ओन-लाईन ओफ़ लाईन. अब मेरी भी बस नही तो जीतू भाई बोलोंगे की मैं फ़िर शुरु!
स्वामी जी,
आप के टूल ने तो मुझे सोचने का एक नया नजरिया दिया। देखिए यदि आप के टूल को नींव बनाकर कुछ ऐसा बनाया जाए कि एक ही जगह जावास्क्रिप्ट के जरिए लिखते लिखते ही अक्षर बदलें जाए तो क्या मजा है। कुछ कुछ जीमेल के सिधांतो पर।
पंकज
मेरा भी यही ध्येय है, सोचता हूं छहरी जैसा इन्टर्फ़ेस दे दिया जाये, जनता उस से परिचित है ही! इस हफ़्ते थोडी तोड-फ़ोड कि शुरुवात की है अभी कुछ नया जोड-जाड कर जुगाड बनाने कि कोशिश कर रहा हूं.
ये जीमेल का क्या सिद्धांत है?
जीमेल वालों ने जावास्क्रिप्ट प्रयोग करके उसे इतना सही बना दिया है कि लगता ही नहीं है कि आप एक वेब-ऐपलीकेशन पर काम कर रहे हो। आप एक बार IME प्रयोग कर के देखिए, फिर सोचिए कि क्या यही क्षमताएं जावास्क्रिप्ट द्मारा दी जा सकती हैं। बस एक बार सीधे textarea में हिंदी आनी शुरु हो जाए, सिर्फ एक बक्सा वैसे ही जैसे अंग्रेजी लिखते हैं फिर क्या बात है।
मेरे ख्याल से हम अपने टूल्स को आन लाइन और औफ लाइन दो श्रेणियो मे बाँट दे.
साथ ही हिन्दी मे कैसे लिखे,
हिन्दी रिसोर्सेस….शब्दकोष बगैरहा, चिट्ठा विश्व और अक्षरग्राम
हिन्दी एडीटर्स के लिंक बनाकर
और हिन्दी से सम्बंधित और भी जानकारी लिखकर
अपने ब्लागस्पाट पर एक भरा पूरा ब्लाग लिख दे. यह ब्लाग अपने आप पर परिपू्र्ण हो, और हिन्दी के सारे लिंक इस पर मौजूद हो. इस ब्लाग को बनाने के बाद हम इसका लिंक अपने सारे ब्लागो पर दे. और इस ब्लाग को गूगल भइया को भी सब्मिट कर दे.
अभी सारी जानकारी किसी एक जगह पर नही है.कुछ लोग कहेंगे कि मेरे ब्लाग पर है, हम इस ब्लाग को अपने ब्लाग पर क्यो ना डाले…तो भइया ब्लागस्पाट पर सभी लोग जायेंगे, हमारे तुम्हारे सर्वर का क्या भरोसा…..कल हो ना हो.
हाँ तो भाई कौन लिख रहा है ये ब्लाग?
पंकज भाई,
सब से पहले तो हाथ मे जो मुद्दा है उस कि नब्ज़ पर उंगली रखने के किए “बहुत खूब”!
मैने IME enable कर के देवनागरी चला के देखी - वो तो कुन्जी पटल की वाट लगा देता है! भलते-भलते हिन्दी के अक्षर आते हैं, दूर दूर तक कुछ भी फ़ोनेटिक नही है. पता नही कैसे जनता प्रयोग करती है? अपना तो फ़ोनेटिक टूल भला.
हां, आप जो दिखाना चाहते थे वो मैं बिल्कुल समझ रहा हूं. आप चाहते हो कि जैसे IME सीधे हिन्दी दिखाने लगता है वैसे ही हम भी सीधे जावास्क्रिप्ट के द्वारा हिन्दी दिखा दें. ये सम्भव हो. वो तो छहरी अभी भी दिखाता है - सो वो भी सम्भव है, किया जा चुका है. अब अगला कदम - यही चीज़ फोनेटिक तरीके से लिखने पर भी हो बिना कोई ट्रान्स्लेट का बटन दबाए. है ना? हां वो सम्भव है - किया जा सकता है. मैने भी तो अपने पिछले संदेश मे यही कहा था की यही मेरा ध्येय है. जब मैने कहा था की छहरी जैसा इन्टरफ़ेस तो मेरा मतलब बाकी ताम-झाम से था मूल जुगत या तर्किय संरचना तो अपनी ही रहेगी.
दर-असल, यह टूल मेरा जावास्क्रिप्ट मे पहला प्रोग्राम है, अभी समय तर्क या जुगत सोचने से ज्यादा इस भाषा की कुछ वो उन्नत विधियाँ खोजने पर जा रहा है जो आम तौर पर किसि जावास्क्रिप्ट के प्रोग्रामर को शायद पता ही हों. बाकी चीजें भी इसी लिए विलंबित सी हो रही हैं.
आगे ये भी जोड दूं - बस एक बक्से में भी हिन्दी दिखाई जा सकती है - ताम-झाम के बिना, मगर उस दशा में आप को यह मान कर चलना होगा कि प्रयोग-कर्ता को त,ट,थ,ठ और टः लिख पाने के या द,ड,ढ,दः,ङ पाने के सारे तरीके पता हैं, चन्द्र बिन्दू, अनुस्वार वगैरह पता है. क्योंकी फोनेटिक तरीके से लिखने पर आप शिफ़्ट की का ही प्रयोग कर के सब कर लेते हो और एकाधिक कुन्जियों का प्रयोग कर के काम होता है जैसे की क्ष के लिए ksh और ज्ञ के लिए j~j सो हेल्प देनी चहिए - अभी मेंने हेल्प नही दी - सब तीर-तुक्के लगा के खोज रहे हैं - समय ही नही मिला.
स्वामी जी,
शुरुआत के लिए तो फोनेटिक ही बढ़िया है। बाद में भी बढ़िया हो सकता है। इनस्क्रिप्ट लेआउट का प्रयोग आलोक, मैंने यब सोच कर किया था कि काफी शोध के बाद बनाया गया होगा और यही वैज्ञानिक तरीका है इसलिए प्रयोग करते है। आरम्भ में बहुत मुश्किलें आई कई बार वापिस फोनेटिक पे जाने का मन किया पर अब तो यही मन भा गया है। लेकिन फिर भी तमन्ना है कि इस बात पर शोध हो कि किस तरीके में कम कुछ लिखने के लिए कम कुंजियाँ दबानी पड़ती हैं।
पंकज
रवि जी (रतलामी) के कहने पर मैं ने IME5 ट्राइ किया। IME5 इंस्टाल करते ही सात कीबोर्ड खाकों की चाइस मिल जाती है, जिन में से एक है phonetic transliteration. उसी को प्रयोग कर के यह टिप्पणी लिख रहा हूँ। अन्य कीबोर्डों की लिस्ट देखने के लिए इस स्क्रीनशाट पर नज़र डालें — http://kalusa.org/temp/ime5.gif । सुझाव है कि कुछ समय तक सभी अलग अलग जुगाडों का प्रयोग करें और फिर एक बार बात करें। IME5 सीधा कमेंट वाले बक्से में काम नहीं कर रहा था सो वर्डपैड खोलना पडा। जैसे आप देख रहे होंगे अभी कुछ चीज़ें ढूँढने में दिक्कत हो रही है, जैसे ड के नीचे की बिन्दी। इस शोध के लिए कि किस तरीके में कुछ लिखने के लिए कम कुंजियाँ दबानी पड़ती हैं कोई वाक्य चुनें जिसे अलग अलग लोग अलग अलग टूल प्रयोग कर के लिखें। फिर देखते हैं किस में कम लगती हैं।
रमण जी,
फोनेटिक तरीके की जाँच करने में एक पंगा है, क्यूँकि आप का हाथ अंग्रेजी पर बैठा होता है इसलिए आप को शुरु में वही अच्छा लगेगा। सही जाँच होगी यदि आप का हाथ दोनों पर बराबर है और फिर आप देखें कि किस में जल्दी लिखा जाता है।
Raman,
I need IME5 Installation links, the link I found is for oriental fonts China,Japan and Koria, they are not getting installed on my xp pro.
Links please!
स्वामी बाबा,
कड़ी तो ये रही
http://bhashaindia.com/Downloads/downloads.aspx
पर जैसा कि रमण जी बता चुके हैं IME5 में एक पंगा है, वह सीधे textarea में नहीं लिख पाता है। हाँ गर किसी नोटपैड या वर्ड में लिख कर चिपकाए तो अलग बात है। पर मजा तो सीधे फायरफॉक्स में लिखने का है। मैं अभी भी सीधा इस टिप्पणी के बक्से में लिख रहा हूँ। पर मैं पुराना तरीका जिस में की आप Control Panel में जाकर इंडिक स्क्रिप्ट को चुनते हो वाला तरीका अपना रहा हूँ इसमें आप को OS CD भी चाहिए होती है। उपर भी इसके बारे में देवनागरी.नेट से सीधा चेपा मारा था।
पंकज
सही है, मैंने भी देखा कि IME का Hindi Traditional कुंजीपट textarea के अन्दर काम करता है। वापस Hindi Traditional पर जाना भी आसान है (यहाँ देखें - http://kalusa.org/temp/ime.gif ) पर अपन से INSCRIPT नहीं चलता। ऊपर जो मैंने बताया है, वह IME 5 न हो कर IME 1 (ver 5.0) कहलाता है। इसमें यह भी फायदा है कि on the fly help ON/OFF किया जा सकता है। यहाँ देखें http://kalusa.org/temp/ime1ver5.gif
IME 5 का प्रयोग कर के देखा, पाया की अपन जिस को फोनेटिक ट्रांस्लेशन बोलते हैँ उसको जनता ट्रंस्लिटरेशन बोल रही है.
याद आया की ईंडिक बनाने का ठेका माईक्रोसोफ्ट से वेबदुनिया वालोँ को मिला था, 7 मे से 1 अपना की बोर्ड भी घुसा दिया अगलों ने - सही है. इतनी मगजमारी करने के बाद भी IE मे अगर सीधे लिखने मे दिक्कत हो रही है - अब मेरे पास आपके लिए दो उपाय हैं -
पहला धान्सू उपाय - आप बारहा 6 उतारो और उसकी बरहा डाएरेक्ट युटिलिटी का प्रयोग कर के IE मे बिन्दास तरीके से लिखो - एक तो क्या 10 भारतीय भाषाओं मे लिखो. यार ये तो पहले पूछा होता - उपाय तो है. और बहुत सटीक, सस्ता, सुन्दर, टिकाउ है. पंकज जी और रमण जी आपकी प्रतिक्रिया की प्रतिक्षा रहेगी - हां बरहा फोनेटिक है - ७ कीबोर्ड खाके नही हैं, जरूरत भी नही, सो मुझे कोई दिक्कत नही.
तो अब मेरे पास आफ-लाईन तरीके से लिखने के कम से कम 3 फोनेटिक जुगाड हैं. बरहा, इन्डिक और हग. और ओन-लाईन फोनेटिक लिखने का एक ही टूटा-फूटा जुगाड - अपना हग. सच बोलूँ तो बारहा कि फ़ाण्ट सुन्दर है और बारहा दमदार है मुफ्त है. बारहा, इंडिक और हग मे हिन्दी से अंग्रेजी मे कूदना निकलना आसान है. इंडिक मे alt+shift से और हग मे “<" और ">” के बीच लिख कर. बाकी context sensitive help से अक्षर दिखाना बडी बात नही है. छाहरी करता है ये. तो किया जा सकता है.
फायरफाक्स TextArea में ट्रंसलिटरेशन चल रहा है सही फिर IE के अगले वर्शन मे या किसी पैच से वो इंडिक से सीधे लिखने की सुविधा दे दें तो कोई हैरानी नही होगी बारहा का उपाय तो बतायाही मैने.
अगला उपाय नम्बर दो अपना है और जैसा की आप जानते हैं, काम जारी है - पढते जाओ -
अब ब्लोग्स के लिए और फोरम्स के लिए ऑंनलाईन तरीके से लिखने कि सुविधा देनी है ताकी साईट मे सन्देश या टिप्पणीं लिखने के लिए किसी भी टूल को उतारने लगाने की जरूरत ना रहे, काटने-चेपने का झंझट ना रहे. किसी भी ऑपरेटिंग सिस्ट्म से प्रयोग करो! अभी वाले वर्शन मे काटना - चेपना पडता है, हेल्प नादारद है. शुरु से ही सोच ही यही थी कि हग को इसी उपाय के रूप मे लिखा जाए, और अब तो ये सन्तजनो की मांग है सो काम होगा.
यह थ्रेड तो नए शुरु करने वालों के लिए ज्ञान का पिटारा बन गया - इस को सम्भाल के रखा जाना चाहिए.
आपने मुझे ईतने प्रेम से पढा, आपका बहुत भयंकर धन्यवाद.
सन्तो, टेक-ज्ञान की अच्छी पिटारी खोली. वाक़ई. अब एक मेरी तरफ़ से भी. बराहा को मैंने इस्तेमाल किया है. छहारी या आई एम ई नहीं. बराहा में दिक्कत ये है कि आपको हर समय एक अतिरिक्त अक्षर टाइप करना पड़ता है, क्योंकि वह मान कर चलता है कि हिन्दी के हरेक व्यंजन में एक प्रच्छन्न स्वर है. सो सैद्धांतिकी तो सही है. लेकिन इससे लिखनेवालों का भला नहीं होता. मैं तीनेक साल से की-मैन इस्तेमाल कर रहा हूँ. जो एक साथ मुझे कई और कुँजीपट के इस्तेमाल की सुविधा दे देता हे, और बड़ा economical है, इसलिए तेज़ भी. उसे देवरॉम कुँजीपट के साथ इस्तेमाल करना होता है, जो एक सज्जन ने हमें हिन्दी लिस्ट पर दी थी. आपको चाहिए तो आप हमें लिख सकते हैं. परेशानी सिर्फ़ एक है कि आप इससे वर्ड में नहीं लिख सकते. नोटपैड या वर्डपैड में या फिर किसी भी ब्राउज़र में लिख सकते हैं.
हमने(प्रमोद राघवेन्द्र और मैंने) कुछ-कुछ उसी प्रेरणा पर लिनक्स के लिए ‘बोलनागरी’ बनाई जो इंडलिनक्स विकी पर उपलब्ध है. हर लिनक्स औज़ार पर मज़े में चलती है.
आपके सवालों का जवाब देने में मुझे ख़ुशी होगी. या लिन्क्स वग़ैरह देने में, अगर सन्तों की दिलचस्पी हो… शुक्रिया
रविकान्त जी,
जानकारी देने के लिए शुक्रिया। अब जरा कीमैन की कड़ी भी दे दीजिए।
पंकज
चलिए गूगल भैया ने कीमैन की कड़ी ढूंढ दी। कड़ी है
http://www.tavultesoft.com/keyman/
रवि जी अब तो देवरॉम कुँजीपट भेज ही दीजिए। पता है
pankajnarula at gmail dot com
पंकज
रविकान्त जी,
बहुत देर से आये पर बहुत दुरुस्त आये, कडियां यहां भी चेप दि जायें तो क्या हर्ज़ है? शायद मेरे पास कुछ तकनीकी सवाल होंगे. अगर आप पंकज जी से सम्पर्क करेंगे तो उन से आपका ई-मेल पता ले कर मैं आप को अपने प्रश्न भेजुंगा. मेरे विचार मे टेकियों को गणितज्ञों से एक दूसरे के मेहनत को आगे ले जाने का गुर सीखना चहिये - हर एक अलग-अलग सोच कर अधुरे उपाय बनाये उस मे कोई समझदारी वाली बात नही है.
मेरे सवाल जावास्क्रिप्ट से संबंधित ही होंगे. कुछ छोटे छोटे उदाहरण जैसे कोड भी चलेंगे अगर आप मुझे एक-दो चीज़ें कर के दिखाने में दिलचस्पी लें, जन-हित के काम मे मदद मांगने मे कैसी शर्म, नही तो बैलगाडी चल ही रही है.
ये टिप्पणी मैं ऐप्पल की पॉवरबुक से कर रहा हूँ। बढ़िया है।
यह कामेण्ट में नोटपैड द्वारा कट और पेस्ट से कर रहा हूँ । लेकिन आप सब को शायद मालुम नही की यह साईट ActiveX द्वारा काम करती हैं http://www.webdunia.com/khoj/search.asp ..so it only works on explorer. यह IME बड़ा ही slow है, सिर्फ दो पंक्तीया लिखने के लिये मुझे पंद्राह मिनट लग गये (too much learning curve, it really sucks when I have to backspace) । और हिन्दी के अंक कैसे लिखते हैं, मुझे मालुम नही। चल्लो, कम से कम मुझे, दो चार बात्तें हिन्दी मे पढने को तो मिल्लीं । आपका सब का बहुत बहुत धन्यवाद । आपका आभारी भाई ॥
मेरे ख्याल से बेहतर तरीका होगा कि हम इस्वामी या छरहरी को बेस मान कर जावास्क्रिप्ट मे अपना एडिटर लिखे और फिर उसको फायरफाक्स के एक्सटेंशन के रूप मे पेश कर दे.
फायरफाक्स का एक्सटेंशन कैसे बनाये, इसके ट्यूटोरियल का लिंक यहाँ रहाः
http://extensions.roachfiend.com/howto.php
यही तरीका मुझे दीर्घकालीन दिखता है, बाकी सब जैसी सन्तों की मर्जी
जीतू भाई,
फायरफाक्स का एक्सटेंशन बनाये, उस्से पहले, कोई फायरफाक्स के बग को तो ठीक करे । मुझे तो फायरफाक्स के लिये बार बार अपने पोस्ट्स के चौधारी <div style=”text-align:left”> और </div> लिखना पड़ता है। नहीं तो बिगड़ीवे अक्षर दिखाई देते हैं।
नील,
आप कौन से चिट्ठे की बात कर रहे हैं। यह फायरफॉक्स का ज्ञात बग है। अगर आप अपनी CSS से justify व letter-spacing इत्यादि निकाल देंगे तो काम बन जाएगा।
पंकज
नील भाई,
यदि आपको फायरफाक्स मे सारे बिगड़े और कटे हुए अक्षर दिखते है ये ट्राई करें.
Start/Setting/Control Panel/Regional and Language Option मे जाए.
फिर Language टैब को सिलेक्ट करके Install complex script वाले चैकबाक्स को क्लिक कर दे.
आपसे विन्डोज XP की सीडी मांगी जायेगी, और हमेशा के लिये आपकी समस्या दूर हो जायेगी.
यदि आपकी समस्या सिर्फ किसी ब्लाग के कमेन्टस मे आती है तो सम्बंधित ब्लाग वाले बन्दे से सम्पर्क करे.
फायरफाक्स की दिक्कत, उसकी CSS फाइल को अपडेट करके दूर की जा सकती है.
Dear Friends
I really enjoy reading Hindi on net.
I am also planning to make a Hindi site for Corporate world of India so they can understand the importance of hindi. I need Raghu and mangal fonts with various key board option.
I am in touch of shri Ramanji and Jitendraji.
If any one can guide me regarding that I would be highly obliged.
Chandrakant Joshi
Mumbai
932 42 49 528
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Chandrakant Joshi
Mumbai
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अक्षरग्राम डाट काम की खोज सरफ करते हुईं वास्तव में अनेक बार देवनागरी लिपि में कार्य करना कम्पयूटर पर कठिन प्रतीत होता है जैसे आइ एम ई में अनेक कुंजी पटल के विकल्प दिए हुए हैं फिर भी अनेकानेक समस्याएं हैं जैसे अब मैं पूर्ण विराम के चिन्ह का कहीं से भी प्रयोग करूं तो ा, ो या1 आ रहा हैा इनस्क्रिप्ट कुंजी पटल को मानक बनाना मूर्खता थीा मानकीकृत तो केवल रेमिंगटन हिन्दी कुंजी पटल ही सकता था क्योंकि पुराने टंकक हमेशा इसी को सीखते थेा वे पुराने टंकक नए प्रकार का कुंजी पटल सीखें, यह तो अन्याय हुआ मानव संसाधन तथा हिन्दी भाषा के साथ ा तभी तो हिन्दी कंम्पयूटर पर जम नहीं रही,बड़ी धीमी गति से प्रगति की यह प्रमुख वजह हैा पुराने टंकक बेकार हो गए और नए धीमी गति से तैयार हो रहे हैंा हिन्दी भाष्ाी राज्य हरियाणा के विश्वविद्यालयों से बीसीए और एमसीए कर के निकलने वाले युवा हिन्दी टंकण की प्रविधि से पूर्णया अनभिज्ञ होते हैंा हिन्दी के विद़यार्थियों को कंपयूटर वैसे नहीं आताा वैसे भी हिन्दी वभिागों की बजाए यह दायित्व कंपयूटर वभिागों का बनता है कि वह हिन्दी कुंजीपटल के बारे में प्रशिक्षण देंा
राजीव जी, देवनागरी के टाइपराइटरों के मानकीकरण की दिक्कत तो हमेशा रहेगी। जहाँ कुछ लोगों को पहले से कुछ कुंजीपटलों का अभ्यास है, वहीं यह भी सही है कि कंप्यूटर प्रयोग करने वालों में से अधिकांश लोग अँग्रेज़ी में भी “टच-टाइपिंग” नहीं करते, बल्कि देख देख कर टाइप करते हैं। ऐसे में मेरे विचार से ऐसा टाइपराइटर प्रोग्राम सही रहेगा, जिस में प्रयोक्ता अपने हिसाब से कुंजीपटल का विन्यास परिवर्तित कर सके। यूनिपैड एक ऐसा टाइपराइटर है जिस में यह संभव है। होना बस यह चाहिए कि सारे ही अक्षर उपलब्ध हों, और आप अपने हिसाब से जो जहाँ चाहिए उसे वहाँ रख सकें। इस मामले में ध्वन्यात्मक कुंजीपटल थोड़े कमज़ोर पड़ जाते हैं। इस साइट पर जाएँ और “कैसे करें” के अन्तर्गत और सूचना पाएँ।
[…] http://www.akshargram.com/sarvagya/index.php/हिन्दी_यूनिकोड_कुंजीपट_विकल्प http://www.akshargram.com/sarvagya/index.php/IndicIME http://hindini.com/ravi/?p=77 http://hindini.com/ravi/?p=24 http://raviratlami.blogspot.com/2005/01/blog-post_11.html http://www.akshargram.com/2005/01/16/149/ http://www.bhashaindia.com/Developers/IndianLang/TypingDnagari/dnpages.aspx http://www.iitk.ac.in/kangal/papers/k2003004.pdf http://pratibhaas.blogspot.com/2006/01/blog-post_25.html […]
हमने हाल ही में दो सेवाएँ शुरु की हैं , एक - internet पर हिंदी में वर्गीकृत छापने हेतु और सीमित हिंदी ईमेल सेवा, यह दोनो hi.echowk.com और hi.echowk.com/email.dll पर मौजूद हैं. दोनो नि:शुल्क सेवाएँ है. मैं आशा करता हूं कि लोग इनका भरपूर लाभ उठाएंगे
सुरज जी,
हिन्दी मे मेल भेजने के लिये किया गया आपका प्रयास वाकई सराहनीय है, मे आपको इस प्रयास के लिये हार्दिक धन्यवाद देता हुँ.
सागर चन्द नाहर
[…] Don’t forget to visit the Akshargram wiki for lots of other information and just go through this blog entry and the comments as well. […]
में तो इस वेब साईट को देखकर धन्य हो गया । सभी संतों को मेरा नमस्कार । आप सभी लोगों की बातचीत पढ़कर मै अपने कम्प्यूटर को हिंदी में काम करने योग्य बना पाया ।
इंटरनेट पर हिंदी में इतना कुछ हो सकता है इसकी मुझे जानकारी ही नहीं थी । युनीकोड को धन्यवाद । आप लोगों से संपर्क और प्यार बढता ही रहेगा ।
जी मुझे कुंजीपटल के बदलाव की वजह से जुडे हुए अक्षर टाइप करने नहीं आते थे । दुविधा हल हो चुकी है ।
जल्द ही इनसिक्रीप्ट पे महारत हासिल करके आप पुण्यजनों के साथ जुड जाऊंगा ।
राजीव जी,
मै भी पुराने हिंदी टंकण पर ही प्रशिक्षित हुआ हूं । इनस्क्रिप्ट कि बोर्ड तो भविष्य की कुंजी है । इसकी विशेषता यह है की सभी भारतीय भाषाओं के लिए यही कि बोर्ड इस्तेमाल होगा ।
लिनक्स, जावा में भी इनस्क्रिप्ट कि बोर्ड को इस्तेमाल किया जा सकता है ।
इसे सिखने के लिए टयूटर भी उपलब्ध है । http://www.ildc.gov.in/hindi/hdownloadhindi.htm
सभी भारतीय भाषा हमारी अपनी है । यदि हमें थोडा प्रयास करना भी पड़े तो हमें करना चाहिए ।
सभी पुण्यात्माओं को मेरा सादर नमन… आप लोग जो हिन्दी के लिये इतना काम कर रहे हैं इसी कारण हिन्दी आज विश्व भाषा बनने की ओर अग्रसर है… मुझे कुछ महीनों पहले ही Baraha के बारे में पता चला और मैनें धडाधड हिन्दी में मेल भेजना शुरु कर दिया… मेरे मित्र हैरान हैं और मैं मजे लेता हूँ… हालाँकि कुछ मित्रों को मैनें baraha उपयोग करना सिखा दिया है… हिन्दी की तिलमात्र सेवा के बतौर… एक बार फ़िर आप सभी विद्वतजनों को नमस्कार… प्रेम बनाये रखियेगा….
बंधुवर,
नमस्कार!
मैं भी काफी समय से हिंदी में टंकण कर रहा हूँ। मैं जो शब्दसंसाधक उपयोग कर रहा हूँ उसका जिक्र यहाँ आपकी पट्टिका पर कहीं नहीं है सो सोचा आपको ‘लिपिकार’ से परिचित करवा दूँ, शायद आपके कुछ काम आये। मुझे तो सुविधाजनक लगा है, बाकी आप की टिप्पणियों से पता चलेगा।
इसे उपयोग करके देखें -
http://www.lipikaar.com/
साभार!
भाई रोहित जी,
मैने “लिपिकार” को देखा… हालाँकि आसान है, लेकिन एक आम भारतीय के लिये किसी software के लिये पैसे खर्च करना मुश्किल है… जब baraha जैसे बढिया software मुफ़्त में मिल रहे हैं तो फ़िर “लिपिकार” कौन लेगा ?
हाँ भाई सुरेशजी, इस विषय में तो मैंने नहीं सोचा था। बस सरल लगा तो लिपिकार पर टिप्पणी कर डाली। यदि किसी टूल में spell checker भी हो तो अच्छा रहे। MS Office का हिंदी संस्करण मेरे पास नहीं है, MS India से सम्पर्क भी किया था..आप या अन्य सदस्य इस बारे में कुछ प्रकाश डाल सकें तो आभारी हूंगा।
साभार!
रोहित कुमार ‘हैप्पी’
है परम हिन्दी भाषी ज्ञाताओं, धन्यवाद हो आप सभी को जो निरन्तर हिन्दी भाषा को वेब पर चलाने के नये नये सतत प्रयास करते जा रहे है । बहुत अच्छा लगता है जब कोई अपनी मात्र भाषा में ईन्टरनेट पर कुछ लिखता है ।
मैनें अभी तक बरहा नामक उपकरण का ही उपयोग किया है । आप सबकी सहायता से इन्डिक (आई.एम.ई.) अपने कम्प्युटर में स्थापित कर पाया हु परन्तु यह समझ में नहीं आ पा रहा है कि अंग्रेजी कुंजीपटल पर हिन्दी टाईप कैसे करू क्योंकि कुंजीपटल पर तो सभी अक्षर अंग्रेजी में लिखे है ।
एक बार तो सोचा कि कोई न कोई कुंजीपटल आता होगा जिस पर सभी अक्षर हिन्दी में लिखा हो । फिर ख्याल आया कि बचपन में (1997) में किसी डी.टी.पी. ऑपरेटर को कुंजीपटल पर प्लास्टिक का पारदर्शी कवर लगाकर काम करते हुये देखा था जिस पर हिन्दी में अक्षर छपे होते थे, यदि आप में से कोई इस के बारे में जानकारी प्रदान कर पाये, तो बहुत बहुत धन्यवाद होगा । साथ ही साथ यह भी बता पाये कि मैं बैंगलोर में इसे कहाँ से प्राप्त कर पाऊंगा तो आपका आभारी रहुंगा ।
आप ज्ञानी जनों की राय लेना चाहुंगा कि क्या इस प्लास्टिक कवर के अलावा भी इस समस्या का कोई समाधान है क्या ?
धन्यवाद
आपका आभारी
जयेश, बैंगलोर
अबहि तो मे तखति पर लिख रहा हु, कोे मुझे असान tool बता सकता हे, जिससे मतरा कि गलति ना हो. मे हिनदि का keyboard use karney mein confortable hun. Mujhey hindi ki kuch chezey likhni hain jismey matra ka bahut bada role hain. So please mujhey koi aisa tool suggest karey jisasey mein mangal jaisey font mein confortably likh pau.
Dhanyawad
नमस्ते दोस्तों. यूँ ही घुमते घुमते इधर निकल आया. रवि जी के चिटठे से एक नये औजार का पता चला जिसमें एक अतिरिक्त कुंजी टाइप नहीं करनी पड़्ती. क्या उस के बारे और जानकारी मिल सकती है. उस को डाउन लोड तो किया है पर बहुत दिक्कत है. सभी अक्ष्रर टाइप नहीं हो पा रहें है. क्या उस का कोई कीमैप कहीं से मिल सहता है? किस साइट पर यह कीबोर्ड लेआउट मिल सकती है
meetu.
i want ime 5 setup for sending mail hindia ane read