छठी अनुगूँज और बुनो कहानी
Posted on जनवरी 23rd, 2005 द्वारा पंकज
ज्ञानीजन समझ ही गए होंगे कि मैं क्या कह रहा हूँ इस लिए आज के लिए मेरी राम राम।
अपडेट (अरे यार कोई हिन्दी शब्द सुझाओ इस के लिए) - कहानी तो बुन चुकी है इसीलिए कालिदास से कह गए हैं - पहले सजाल पर देखो फिर ब्लॉगो। अभी जाके पढ़ता हूँ।

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




अपडेट के लिये हिंदी शब्द है–अद्यतन.अब तय करो कि ‘अपडेट’ प्रयोग करोगे या ‘अद्यतन’.
अमां यार कहानी तो पढ ली,
लेकिन छटी अनुगूँज का कोई भी जिक्र नही है,
कंही भूल से तो नही लिख दिये.
अपडेट (क्रिया) के लिए एक और शब्द है नवीनीकरण, पर यहाँ पर संज्ञा के रूप में प्रयोग हुआ है, सो नव-सूचना, या फिर सीधी भाषा में — सुर्ख़ी या ताज़ा ख़बर।
जीतू जी,
छटी अनुगूँज लिख कर मैं याद दिलवाना चाहता था कि अगली के बारे में क्या हो रहा है?
पंकज
health insurance plans
inlet eschewed bloomed sauce explosions?