अपने चिट्ठो को प्रसिद्ध कैसे करें?

प्रसिद्धि कौन नहीं चाहता? यदि आपने डेविल्स एडोवोकेट देखी हो तो आप को आखिर का दृश्य जरुर याद होगा जहाँ अल पचीनो कहता है - Vanity is my favorite sinयहाँ से सुन भी सकते हैं। तो अपने चिट्ठे को प्रसिद्ध कैसे किया जाए के ऊपर वेय्न हरबर्ट जी ने चार प्रविष्टियाँ लिखी हैं। ये अपने हिन्दी चिट्ठाकारों के प्रिय ब्लॉगर को ध्यान में रख कर लिखी गई हैं इसलिए हम लोगों के लिए और भी माफिक हैं। वैसे बताए गए उपाए औरो के लिए भी उतने ही कारगर हैं। चारों की कड़ियां नीचे दे रहा हूँ। वैसे भाग तीन सबसे ज्यादा काम का है

भाग 1
भाग 2
भाग 3
भाग 4

[सप्रेम कड़ी - ब्लागिंग प्रो]

2 Responses to “अपने चिट्ठो को प्रसिद्ध कैसे करें?”

  1. अब जब बात निकली है तो हमारी बात भी सुन लो
    १.सबसे पहले तो आपका ब्लाग गूगल मे सबमिट होना जरूरी है.
    २.आपके ब्लाग मे वो सब शब्द होने चाहिये तो अक्सर विवादास्पद होते है, कोई जरूरी नही कि आप उन पर लेख लिखे, आप उन शब्दो को रिफरेन्स के रूप मे भी प्रयोग कर सकते है.
    ३.विवादास्पद शब्दो की लिस्ट के लिये आप गूगल की टाप टैन सर्च को खंगाले.
    ४. इन्टरनैट पर आज भी सबसे ज्यादा ढूँढा जाने वाला शब्द है सैक्स, सो यदि आपके ब्लाग मे किसी भी तरह से यह शब्द होगा तो जाहिर है कि ढूंढने वाले को आपका ब्लाग दिखाई दे जायेगा, हम चूँकि हिन्दी के ब्लाग कम है इसलिये सर्च लिस्ट मे अलग से चमकेगा. और उत्सुकतावश ढूंढने वाले आपके ब्लाग पर आयेगा.ऐसे पाठक आपके ब्लाग पर ज्यादा देर नही रूकेंगे, लेकिन आपके ब्लाग मे उनको सरप्राइज एलिमेन्ट जरूर मिलेगा.और यदि कन्टेन्ट अच्छा होगा तो लौट भी सकते है.मेरे को कई पाठक इसी तरह से मिले थे.
    ५. अभी कई लोगो को हिन्दी ब्लाग के बारे मे पता नही है, सो दूसरे ब्लाग लिखने वाली जगह पर यदि आपका एकाउन्ट है तो आप हिन्दी ब्लाग का लिंक दे सकते है, उदाहरण के लिये यहाँ लिखिये.
    http://writehindiblog.rediffblogs.com/

    ६.यदि आपने कोई अच्छा लेख लिखा है तो उसे अंग्रेजी मे अनुवाद करके किसी और ब्लाग साइट पर डाल दे और हिन्दी अनुवाद के लिये अपना लिंक प्रदान करे, उदाहरणः
    http://o3.indiatimes.com/hindiblogs/archive/2005/01/17/54151.aspx#Comments

    मेरा अपना अनुमान है कि भारत मे काफी ज्यादा लोग इन्डियाटाइम्स के ब्लाग पढते है.

    ७. और आखिरी बात, अच्छा सा साइट स्टैटि्स्टक्स का साफ्टवेयर प्रयोग करे जो आपको सारी जानकारी दे, कि कहाँ से लोग आ रहे है, कौन रिफर कर रहा है, कितनी देर लोग रूक रहे हे, सर्च इन्जन से कितने लोग आपके पास आये और क्या ढूंढते हुए आये.

    ये सारी जानकारी मेरे अपने अनुभव का निचोड़ है, कोई और सज्जन अपनी बाते शेयर करना चाहे तो स्वागत है.

  2. assurance auto pour un jeune prix

    flaunts speakeasy creep

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