आठवीं अनुगूंज: दूसरी पुकार
Posted on मार्च 22nd, 2005 द्वारा आशीष
अरे बन्धुओं, अपनी कलमें ज़रा तेज चलाइये। २५ तारीख पास आने वाली है और अभी तक केवल दो ही प्रविष्टियां आयी हैं। माना कि ३१ मार्च पास आने वाला है और आपमें से कुछ काफ़ी व्यस्त होंगे पर खुदी को कर बुलन्द इतना कि खुदा ही बता दे कि क्या लिखना है।
Filed under: अनुगूँज

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




आशीष भाई,
मै सबसे पहले तो माफी मांगना चाहता हूँ कि मै शिक्षा वाले मुद्दे पर अभी तक नही लिख सका, हो सकता है, अंतिम तिथि के बाद ही लिख सकूँ. आशा है आप माफ करेंगे. ये मेरा पहला अनुगूँज होगा जिसमे मेरा चिट्ठा शामिल नही होगा, आपसे निवेदन है कि यदि आप तिथि चार दिन और बढा सकें तो हमारे जैसे लोगो का भला हो सकेगा. तब तक आप अपना अवलोकिनी चिट्ठा तैयार रखे और चार दिन बाद वाली नयी तिथि पर पब्लिश कर दे.
धन्यवाद
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