गीता अनुवाद
Posted on अप्रैल 28th, 2005 द्वारा विजय ठाकुर
आज फिर फ़ुर्सत में इंटरनेट पर टहल रहा था, एम आई टी के सर्वर पर एक भारतीय बन्धु द्वारा गीता का अनुवाद दिखा, सोचा अपने चौपाल पे भी परोसा जाए। इनका उत्साह और परिश्रम देखकर तो बड़ी खुशी हुई लेकिन हिन्दी-उर्दू अनुवाद में काफी क़सर रह गयी है, कहीं कहीं तो बिल्कुल ‘फन्न्न्नी’ सा लगता है। बहरहाल, काफी मेहनत की गयी है इसपर।
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




लगता है लिंक ठीक नहीं दिया गया था, लिंक ये रहा:
http://web.mit.edu/achawla/www/gita/gitamain.html