कादम्बिनी में निरंतर

उपरोक्त फोटो अतुल तथा अन्य साथियों के नयनसुख के लिये है.फोटो
धुंधला है पर देखकर आंखें जो चमकेंगी उससे मामला ठीक हो जायेगा.चिट्ठाविश्व से संबंधित समाचार निम्न है:-
1.उधर ,नेट पर हिंदी को लोकप्रिय बनाने के लिये हिंदी प्रेमी ‘ब्लागर्स’ अपनी मुहिम चलाये हुये हैं.हिंदी में कई लोग अपने ब्लाग लिख रहे हैं जबकि ब्लाग को चिट्ठा कहकर पुकारने वालेकुछ लोगों ने नेट पर चिट्ठासंसार खोल रखा है. www.myjavaserver.com/~hindi नाम के इस पोर्टल में कई लोग नियमित तौर पर हिंदी में चिट्ठा लिखते हैं.चिट्ठा संसार एक अलग तरह की दुनिया है,जहां देश-दुनिया के कई बेहद प्रतिभाशाली लोग चिट्ठे के जरिये संपर्क में रहते हैं(कादम्बिनी मई 2005,पृष्ठ 111)
2.www.myjavaserver.com/~hindi इस साइट का नाम है चिट्ठाविश्व है.यहां पर हिंदी के सभी ब्लागों की नवीन प्रविष्टियों को पढ़ा जा सकता है.(कादम्बिनी मई 2005,पृष्ठ 114)
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




कादम्बिनी द्वारा निरंतर की प्रशंसा ।
चलिए ,हम सबकी मेहनत रंग लायी ।
अब रंग को और भी चोखा करना है ।
यदि गौरी जी को हिन्दी ब्ल़ॉगमंडल से जोड़ा जा सके तो क्या बात है।
पंकज
वाह क्या बात है, उन सभी को बधाई जिन्होने इस के लिए मेहनत की
गौरी जी को ब्लागमंडल से जोड़ने का आइडिय सही लागे है मन्ने।
गौरी जी का इमेल एड्रेस दिया जाय, हो सके तो याहू या एमएसएन आईडी भी.
और सन्तजनो को हम पर भरोसा हो तो, बाकी काम हम पर छोड़ दिया जाय.
जल्द ही उनका हिन्दी ब्लाग देखने को मिलेगा