अगस्त्य कोहली का लेख

अभी हाल में अगस्त्य कोहली का लेख पढ़ा अभिव्यक्ति पर, अच्छा लगा और काफ़ी सच दर्शाता है।

आप भी देखें(सुशा फॉन्ट आवश्यक): http://www.abhivyakti-hindi.org/vyangya/2005/sanskritik_virasat.htm

One Response to “अगस्त्य कोहली का लेख”

  1. बहुत सही। सारी की सारी कहानी आखिरी वाक्य में समाहित है जरूर पढ़िएगा

    मैं नासमझ, अकारण ही कालिदास और कबीर की चिंता करता रहा – यहाँ तो गोविंदा और शाहरुख खान की रोज़ी रोटी ख़तरे में है…

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