११वीं अनुगूँज-माज़रा क्या है? आखिरी पुकार

Akshargram Anugunj

समय किसी के रोके नहीं रुकता । सो ३० तारीख आ पहुँची। यह समय सीमा थी-ग्याहरवीं अनुगूँज के समय की। जैसा कि पंकजजी ने बताया कि समय का फेर है यहाँ-वहाँ का सो मौका है अभी भी हाथ आजमाने का । ठेलुहे कलकत्ते में अड्डेबाजी कर रहे हैं। संपादक जुटे हैं किसी ग्राफिक को चिपकाने में। देवाशीष का तो लगता है अनुगूँज सेहुकअप संबंध ही है।लिख भइये ताव में ही कुछ लिख। कोई समय सीमा नहीं तुम्हारे लिये।महिला चिट्ठाकार पीछे किसलिये रहना चाह रही हैं।आगे आयें कुछ लिखें।

One Response to “११वीं अनुगूँज-माज़रा क्या है? आखिरी पुकार”

  1. चौपाल में एक माज़रा यह भी है ।
    हमारे चिट्ठाकार बंधुगण अनुगूँज में लिखने के बाद उसकी कङी चिपकाने का काम कभी पहली घोषणा, कभी दुसरी घोषणा तो कभी अंतिम घोषणा के टिप्पणी में , तो कभी बिलकुल नहीं चिपकाते है । उस परिस्थिति में फीड से ही हम उसके बारे में जान पाते हैं । इस तरह से खोज -बीन न कर, क्या अगली अनुगूँज से इसके लिए एक ही सुविधाजनक सर्वमान्य चिपकु स्थान हो सकता है ?

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