१२वीं अनुगूँज : हिन्दी सुभाषित सहस्र / विषय भी लिखें
Posted on अगस्त 17th, 2005 द्वारा अनुनाद
सन्तों ! सुभाषितें प्रकाशित करते हुए एक बात का ध्यान अवश्य रखें कि सुभाषितों को विषय के आधार पर वर्गीकृत करके प्रकाशित करें । इससे आपकी उस सुभाषित के बारे में सोच परिलक्षित होगी और संकलनकर्ता को बाद में सुविधा होगी, सो अलग । कभी-कभी एक ही सुभाषित कई विषयॊं के अन्तर्गत भी आ सकती है ।
जिन सन्तों ने पहले ही प्रकाशितत कर दिया है वे भी यदि विषय के साथ वर्गीकृत करके पुनर्प्रकाशित कर दें तो और भी उत्तम हो ।
और अन्त में आग्रह कि अपनी प्रविष्टियाँ आंशिक या पूर्ण रूप मे भेजना शुरू कीजिये । २५ अगस्त नजदीक आ रहा है ।
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 





मेरी प्रविष्टि मेरे दूसरे ब्लॉग “शर्मा होम” पर “अनुगूंज” के लोगो सहित वर्गीकृत करके अपडेट कर दी गई
है।।
http://www.mpsharma.com
महावीर जी ,
आपका सुभाषित संग्रह हर दृष्टि से उत्कृष्ट है । शत शत धन्यवाद ।
मेरी प्रविष्टि यहाँ है। कुल योगदान = ३१ सूक्तियाँ / उक्तियाँ ।
राजेश
(सुमात्रा)