हिन्दी ही हिन्दी
Posted on अक्तूबर 10th, 2005 द्वारा अनुनाद
कुछ दिन पहले संजाल पर हिन्दी सामग्री की बात चली थी तो कहा गया था कि हिन्दी की सामग्री बहुत कम है । पर स्थिति बहुत तेजी से सामान्य हो रही है ।
हिन्दी सामग्री के उन्नयन के लिये बाकायदा एक प्रकल्प चल रहा है । नाम है , CoIL-NET (Content Development and IT Localisation Network) | इसके बहुत से केन्द्र हैं । सब मिलाकर इन्होंने काफी सामग्री तैयार की है । जरा इनका डिजिटल सांस्कृतिक सम्पदा पुस्तकालय तो देखिये ।
अन्य केन्द्रों से तरह-तरह की सामग्री तैयार की जा रही । इनकी प्रसंसा होनी चाहिये ।
कुछ पन्ने -
इस परियोजना का छत्तीसगढ का हिन्दी वेब-साइट
कहानियाँ ही कहानियाँ -
बुद्ध की कहानियाँ (जातक कथाएँ)
और अन्त में नीम पर अति-विस्तृत जानकारी :
प्रकृति की अनमोल निधि : नीम
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




अरे वाह अनुनाद भाई ,ये तो बडा धांसू काम है.हम तो गाना भी सुने.अब तो इन्तजार है आल्हा सुनने का.
आपकी भी तारीफ़ मय धन्यवाद कर रहे हैं हम कि इससे हमे परिचित कराया.
वाह अनुनाद भाई, आप हमेशा दूर की कौड़ी ढूंढ कर लाते हो। अच्छा कलैक्शन है। मजा आ गया।
ऐसी ही कुछ और हिन्दी साइट बने तो हिन्दी के दिन बहुर जायें।
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