हिन्दी ही हिन्दी

कुछ दिन पहले संजाल पर हिन्दी सामग्री की बात चली थी तो कहा गया था कि हिन्दी की सामग्री बहुत कम है । पर स्थिति बहुत तेजी से सामान्य हो रही है ।

हिन्दी सामग्री के उन्नयन के लिये बाकायदा एक प्रकल्प चल रहा है । नाम है , CoIL-NET (Content Development and IT Localisation Network) | इसके बहुत से केन्द्र हैं । सब मिलाकर इन्होंने काफी सामग्री तैयार की है । जरा इनका डिजिटल सांस्कृतिक सम्पदा पुस्तकालय तो देखिये ।

अन्य केन्द्रों से तरह-तरह की सामग्री तैयार की जा रही । इनकी प्रसंसा होनी चाहिये ।

कुछ पन्ने -

इस परियोजना का छत्तीसगढ का हिन्दी वेब-साइट

झारखण्ड उद्यमिता गाइड

वनौषध द्रव्य कोष

कहानियाँ ही कहानियाँ -

हितोपदेश

बुद्ध की कहानियाँ (जातक कथाएँ)

बेताल पचीसी

सिंहासन बत्तीसी

प्रेमचन्द की कहानियाँ

और अन्त में नीम पर अति-विस्तृत जानकारी :
प्रकृति की अनमोल निधि : नीम

3 Responses to “हिन्दी ही हिन्दी”

  1. अरे वाह अनुनाद भाई ,ये तो बडा धांसू काम है.हम तो गाना भी सुने.अब तो इन्तजार है आल्हा सुनने का.
    आपकी भी तारीफ़ मय धन्यवाद कर रहे हैं हम कि इससे हमे परिचित कराया.

  2. वाह अनुनाद भाई, आप हमेशा दूर की कौड़ी ढूंढ कर लाते हो। अच्छा कलैक्शन है। मजा आ गया।
    ऐसी ही कुछ और हिन्दी साइट बने तो हिन्दी के दिन बहुर जायें।

  3. sharon carpenter from bet

    fisherman blackmail herpes celebrity yielded

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