अपने शशि भाई CNBC पर

अभी पिछले दिनो अपने मुम्बई ब्लॉग और भोजपुरिया ब्लॉग वाले शशि भाई का इन्टरव्यू CNBC INDIA पर आया था। शशि भाई ने इस इन्टरव्यू मे हिन्दी और भोजपुरी पाडकास्टिंग के विषय मे प्रकाश डाला था। शशि भाई छा गये आप तो।

आप भी देखिये उस इन्टरव्यू की एक झलक, इन्टरव्यू की क्लिप्स अलग अलग फ़ारमेट मे यहाँ पर है:

  1. MP4 FORMAT
  2. Real Media Format
  3. 3Gpp Format

हिन्दी के बढते कदमों के साथ हमे उम्मीद है हमारे हिन्दी ब्लॉगमन्डल के साथियों के साथ ऐसे इन्टरव्यू लगातार होते रहेंगे।ऐसी किसी भी खबर से हमे अवगत कराइये।

ब्लागनाद अपडेट

जिन लोगों ने ब्लागनाद ना सुना हो, उनके लिये के शो यहाँ पर भी उपलब्ध हैं।

17 Responses to “अपने शशि भाई CNBC पर”

  1. Badhiya! Shaandaar! Shashi bhai Hindi blogjagat ki pehli blogebrity bun gaye hein. Mithai due rahi. Arre dhol manjire bajao re…

  2. शशी भाई,

    हार्दिक बधाई, मजा आ गया शानदार खबर पढकर,

    जीतु भाई, rm फ़ाईल को जिप करके भी डाल दो प्रोक्सी आर एम और एम पी ३ डाउनलोड करने नही दे रहा है.

    आशीष

  3. वीर तुम बढे चलो !

  4. बधाई हमारी भी स्वीकार की जाये।

  5. बहुत-बहुत बधाइयाँ!!

  6. ये बहुत ही अच्छा रहा. जिन लोगों ने टीवी पर मिस कर दिया था वो भी देख सकते हैं. मेहनत अब रंग ला रही है. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं.

  7. शशि भाई, हिन्दी ब्लॉगिंग की राह में एक और मील का पत्थर स्थापित करने पर बधाई।

  8. जिस सेना (हिंदी ब्लॉगजगत) में देबू दा और जीतू भैया जैसे कुशल सेनापति हों, रमनजी जैसे मार्गदर्शक, अनुनाद भाई जैसे अन्वेषक, आशीष भाई जैसे योद्धा और सरोज जैसे साथी हों तथा अनाम अंतर्मन की चेतना हो तो शशि जैसे छोटे-मोटे सिपाही भी जोश में आ ही जाते हैं.
    आप सब के प्यार और प्रोत्साहन के लिए हार्दिक धन्यवाद!

  9. नारायण! नारायण!

    वत्स शशि… हमारी तरफ़ से भी बधाई स्वाकारो… नारायण कृपा से यह साक्षात्कार सुख सभी चिट्ठाकारों को प्राप्त हो।

    तुम अपने धन्यवाद प्रस्ताव मे शुकुल को भूल गये, वो सबसे बड़े रणनीतिकार है, उनको मत भूलना, नही तो अगली खिंचाई तुम्हारी ना कर दें।

    नारायण नारायण!

  10. बहुत-बहुत बधाई शशि भाई!!

  11. […] Jitendra reports about Hindi blogger and Mumbai based journalist Shashi Singh’s interview at CNBC-18. Seems indic-blogging has finally started evoking some interest. […]

  12. वाह ! बहुत अच्छे. ऐसे ही आगे बढते चलें

    प्रत्यक्षा

  13. इस खबर को पढ़ कर, जो वाक्य अपने आप उछल कर बाहर आता है,
    “बहुत दिनों के बाद बनी है,यह दारू ! ”

    शशि जी, आप इसी में, बधाईयाँ ढ़ूँढ़ लें।

    -राजेश
    (सुमात्रा)

  14. […] कोई भी पुरस्कार या सम्मान प्राप्त होने के बाद धन्यवाद देने की पुरानी परंपरा है. इस परंपरा का निर्वाह करते हुए मुम्बई ब्लॉग को Best Indic blog [Hindi] चुनने के लिए मैं आप सबका हार्दिक धन्यवाद करता हूं, साथ ही साथी विजेताओं को शुभकामनाएं भी देता हूं. इस परंपरा का इस्तेमाल मैं अपने दिल की बात करने के लिए भी करना चाहूंगा. पिछले साल जब मैंने ब्लॉगिंग का सफर शुरू किया था तब मैं तो क्या मेरे फरिश्तों ने भी नहीं सोचा था कि सफर इतना रोचक और हमसफर इतने जिंदादिल होंगे. अब तो आलम यह है कि ब्लॉग जगत घर-सा लगता है और साथी ब्लॉगर घर के सदस्य. यहां जिस तरह सब एक-दूसरे के सुख और दु:ख में साथ दीखे वह अभिभूत करने वाला रहा. उम्मीद करता हूं कि हम सब एक-दूसरे से यूं ही जुड़े रहेंगे. […]

  15. […] कोई भी पुरस्कार या सम्मान प्राप्त होने के बाद धन्यवाद देने की पुरानी परंपरा है. इस परंपरा का निर्वाह करते हुए मुम्बई ब्लॉग को Best Indic blog [Hindi] चुनने के लिए मैं आप सबका हार्दिक धन्यवाद करता हूं, साथ ही साथी विजेताओं को शुभकामनाएं भी देता हूं. इस परंपरा का इस्तेमाल मैं अपने दिल की बात करने के लिए भी करना चाहूंगा. पिछले साल जब मैंने ब्लॉगिंग का सफर शुरू किया था तब मैं तो क्या मेरे फरिश्तों ने भी नहीं सोचा था कि सफर इतना रोचक और हमसफर इतने जिंदादिल होंगे. अब तो आलम यह है कि ब्लॉग जगत घर-सा लगता है और साथी ब्लॉगर घर के सदस्य. यहां जिस तरह सब एक-दूसरे के सुख और दु:ख में साथ दीखे वह अभिभूत करने वाला रहा. उम्मीद करता हूं कि हम सब एक-दूसरे से यूं ही जुड़े रहेंगे. […]

  16. […] Shashi has tried his hand in podcasting back in Nov 2005 itself albeit in bhojpuri, he was also quoted in a CNBC report then (details at http://www.akshargram.com/2005/11/24/511/). […]

  17. […] कोई भी पुरस्कार या सम्मान प्राप्त होने के बाद धन्यवाद देने की पुरानी परंपरा है. इस परंपरा का निर्वाह करते हुए मुम्बई ब्लॉग को Best Indic blog [Hindi] चुनने के लिए मैं आप सबका हार्दिक धन्यवाद करता हूं, साथ ही साथी विजेताओं को शुभकामनाएं भी देता हूं. इस परंपरा का इस्तेमाल मैं अपने दिल की बात करने के लिए भी करना चाहूंगा. पिछले साल जब मैंने ब्लॉगिंग का सफर शुरू किया था तब मैं तो क्या मेरे फरिश्तों ने भी नहीं सोचा था कि सफर इतना रोचक और हमसफर इतने जिंदादिल होंगे. अब तो आलम यह है कि ब्लॉग जगत घर-सा लगता है और साथी ब्लॉगर घर के सदस्य. यहां जिस तरह सब एक-दूसरे के सुख और दु:ख में साथ दीखे वह अभिभूत करने वाला रहा. उम्मीद करता हूं कि हम सब एक-दूसरे से यूं ही जुड़े रहेंगे. […]

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