१५वीं अनुगूँज की सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि
Posted on दिसम्बर 16th, 2005 द्वारा देबाशीष
१५वीं अनुगूँज में पंकज ने विषय दिया था कि हम फिल्में क्यों देखते है? १५ प्रविष्टियाँ मिली अनूगूँज के एक वर्ष पूर्ण होने पर और घोषणानुसार हमें सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को पुरस्कृत करना है। तो बतायें कि कौन सी प्रविष्टि आप को सब से अच्छी लगी? मतदान करने की अंतिम तिथि है १६ 18 दिसंबर।
ईस्वामी की प्रविष्टि को ५० प्रतिशत मत मिले और हमें उन्हें विजयी घोषित करने में हर्ष है। उन्हें पुरस्कार उनके भारत के पते पर शीघ्र भेजा जायेगा। मतदान में भाग लेने के लिये सभी का आभार!
Filed under: अनुगूँज

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




पंकज भाई,
हम अपने मताधिकार का प्रयोग नही कर पा रहे है, शायद बुथ कैप्चरींग हो गयी है.
मै जब भीए मत देने जाता हुं चुनाव आयोग का संदेश मिलता है कि
Either your vote has already been cast, or your voter key has expired. Your ballot could not be counted.
ये हमारे साथ नाईंसाफी है, हम पुनर्मतदान की मांग करता हुं.
एक उम्मीदवार
आशीष (खालीपीली)
ये सबकी यही शिकायत है लगता है। अइसे ही वोटिंग करवाओगे क्या इंडीब्लागीस में?
There was some problem it seems with the Sparklit poll, now I have come up with a free poll that does not event render the HTML correctly. In addition, you all can enjoy voting multiple times by deleting the cookie on your machine
बधाई स्वामीजी!
ऊ तो हम बूथ केप्चरिंग किए रहे भाई लोग … ये पुरुस्कार का मामला है पता नही था.
असली विजेता तो गुरुदेव (फ़ुर्सतियाजी) हैं - पोल की पोल टाईट की जाए वरना ऐसे ही होता रहेगा बिहारी मतदान!!
जो भी हो, बूथ कैप्चरिंग या ब्लॉग फ़िशिंग.. बधाई के हकदार तो स्वामी जी (जो जीता वो ही सिकंदर !) हैं.
ईस्वामी जी को हार्दिक बधाई.
जो भी हो, बूथ कैप्चरिंग या ब्लॉग फ़िशिंग.. बधाई के हकदार तो स्वामी जी (जो जीता वो ही सिकंदर !) हैं.
ईस्वामी जी को हार्दिक बधाई.
स्वामी जी बधाई हो
वैसे मुझे दुसरा वोट कैसे मिल गया ?
आशीष
आशीष ,तुम्हें दूसरा वोट हमारी तथा देबाशीष की गलती से मिला। जब मैंने वोट डाला तो वोटिंग का निशान सबसे पहला होने के कारण तुम्हारी पोस्ट के लिये चला गया जिसका मुझे कतई अफसोस नहीं है। लेकिन अगर दूसरे लोग भी गलती करते तब न कुछ होता।देखोदुनिया में बेवकूफों की कितनी कमी है?हम कितना पूरा
करेंगे?