अवलोकनी - अनुगूँज 17

Akshargram Anugunj
सभी को मेरी नये साल की हार्दिक शुभकामनाये. अनुगूँज में भाग लेने का सभी को शुक्रिया. मैं काफी व्यस्त होने की वजह से अभी तक सारी पर्विष्टियां पढ नहीं पाया हूं. लेकिन लगता है कि यह विषय किसी को भाया नहीं है. तो अवलोकनी करने लायक कुछ है नहीं. एक तसल्ली है कि सभी ने भाग तो लिया. अभी तो मैं ये पोस्ट यहीं खत्म करना चाहूंगा. समय मिलने पर और लिखूंगा. धन्यवाद्.

One Response to “अवलोकनी - अनुगूँज 17”

  1. अरे भाया, विषय तो बहुत भाया, लेकिन समझ मे नही आया कि लिखे तो आखिर लिखे क्या?

    ऊपर से आपने भी अपनी पोस्ट नही लिखी, नही तो उसी से कुछ टीप टाप कर लिख देते।
    नियमानुसार, सबसे पहले तो आप अपनी पोस्ट लिखिये और अब जितने लेख लिखे गये है, उनको मिलाकर अवलोकनी पोस्ट लिखकर , इस अनुगूँज को तो कम्प्लीट कीजिये, ताकि दूसरे महारथी भी अगली अनुगूँज का आयोजन कर सकें।

    उम्मीद है आप जल्द ही इसे कम्पलीट करेंगे।

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