शून्य अब हिन्दी में
Posted on मई 21st, 2006 द्वारा पंकज
कुछ समय पहले देबाशीष से पता चला था कि तकनीकी खबरों के लिए हिन्दूस्तानी दृष्टिकोण लिए एक सजाल आया है शून्य । उस समय इसका केवल अंग्रेजी संस्करण ही था। पर आज नारद में देखा कि इसका हिन्दी संस्करण भी है व इसे चला रहे हैं 9-2-11 आलोक। आलोक जी जरा विस्तार से इस बारे में प्रविष्टि कीजिए। शून्य का पता यह रहा

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




पाजी तुस्सी बाजी मार लित्ती! मैं हुणे दस्सण लग्या सी!
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