हमारे विनय देसीपंडित पर
देसीपंडित भारतीय ब्लॉग्स की बेहतरीन प्रविष्टियों के बारे में जानकारी देने वाला लोकप्रिय जालस्थल है। कुछ समय पहले देसीपंडित ने भारतीय भाषाओं के चिट्ठों पर भी गौर करना शुरु किया, तब मैं और अनूप उससे जुड़े पर समयाभाव के कारण दोनों ही इसके लिये सतत समय नहीं दे पाये। हाल ही में मुझे देसीपंडित द्वारा यह ज़िम्मेवारी सौंपी गई है कि मैं हिन्दी ब्लॉगमंडल से किसी साथी को मनोनीत करूं जो यह जिम्मेवारी उठा सके।
देसीपंडित के सदस्य दिन भर के हिन्दी चिट्ठों में से बेहतरीन व उल्लेखनीय चिट्ठों की जानकारी उनके ब्लॉग पर पोस्ट करते हैं। ज़ाहिर है हिन्दी ब्लॉगमंडल के बारे में भारतीय ब्लॉगसंसार को बताने का यह बेहतरीन मौका होता है। मुझे यह बताते हुये हर्ष हो रहा है कि हिन्दी ब्लॉगजगत के धुरंधर विनय जैन ने इस कार्य का बीड़ा उठाना मंज़ूर किया है। आशा है विनय के चिट्ठों द्वारा हिन्दी ब्लॉगमंडल से सितारे भारतीय ब्लॉगमंडल में शोभायमान होंगे और साथ ही भारतीय भाषाओं में ब्लॉगिंग के बारे में जागरूकता बढ़ेगी और इस दिशा में मार्ग और प्रशस्त होंगे।
विनय, देसीपंडित और भारतीय ब्लॉगमंडल को बधाई और शुभकामनायें!
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




विनय जी, नये जिम्मेदारी के लिये शुभकामनाये !
वैसे हमे लग रहा है कि इस कार्य का शुभारंभ आपने हमी से किया है
आशीष
विनय जी, शुभकामनाये
देबाशीष ने बहुत सही चुनाव किया। दोनों को बधाई। विनय पढ़ते बहुत रहे लेकिन लिखने से बचते रहे। अब आशा है कि नियमित लेखन भी होगा।
विनय हिन्दी के लिए तो बहुत सक्रिय रहे हैं, परंतु प्रकट होने से बचते रहे हैं. शून्य पर भी उनकी उपस्थिति अब नियमित नजर आ रही है और अब देसीपंडित पर भी हम उन्हें चिट्ठों की चर्चा करते पाएंगे, जो निश्चित ही सुखद अहसास होगा.
और, इससे ज्यादा सुखद देसीपंडित पर हिन्दी दिखाई देने का होगा.
दोस्तो,
बहुत शुक्रिया।
और शुक्रिया देबाशीष का कि उन्होंने मुझे इस जिम्मेदारी के लायक समझा। आशा है कि आप लोग मुझे उल्लेखनीय चिट्ठों के बारे में “टिप-ऑफ़” करते रहेंगे। साथ ही अपने चिट्ठों पर से देसीपंडित के हिंदी पन्ने (जो कि अब अलग से उपलब्ध है) को कड़ित (लिंक) कर अपने पाठकों को इससे अवगत कराते रहेंगे।
एक व्यक्तिगत सुझाव और। देसीपंडित हिंदी चिट्ठा संसार पर नए दर्शक लाएगा। कोशिश करें कि आपके लेख कम से कम वर्तनी और व्याकरण जैसी बुनियादी बातों में ठीक हों। ऐसा न हो कि दर्शक आएँ और हमेशा के लिए वापस लौट जाएँ। इस बारे में मुझसे किसी तरह का सहयोग चाहें तो बेहिचक बताएँ।
एक बार फिर, धन्यवाद। आप सबके सहयोग की अपेक्षा रहेगी।
विनय
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