नारद की अनुपस्थिती में वैकल्पिक व्यवस्था
Posted on सितम्बर 9th, 2006 द्वारा sanjay
मित्रों, हिन्दी चिट्ठाजगत की जीवादोरी समान ‘नारद’, तकनीकी गड़बड़ी की वजह से फिलहाल नई प्रविष्टियों की सूचना देने में असमर्थ हैं। तब तक आप अपनी नई प्रविष्टियों की सूचना परिचर्चा के इस सूत्र पर दे सकते हैं। और हाँ, चिट्ठा विश्व तो है ही।
Filed under: सूचना

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




संजय भाई
जीवादोरी गुजराती शब्द है, हिन्दी में इसे क्या कहेंगे?
जीवादोरी को हिन्दी में जीवन-रेखा कहा जाएगा. हिन्दी शब्द न लिखने के लिए खेद व्यक्त करता हूँ.