अस्थाई जुगाड़

मित्रों, नारद के अस्थाई रूप से बंद होने से हम सभी को ब्लॉक्सीज़न मिलनी बंद हो गई है। ठीक है चिट्ठा विश्व भी है पर यह ब्लॉगडिग्गर की कृपा पर निर्भर रहता है और ब्लॉगडिग्गर महाशय आजकल मनमर्जी से अपडेट होते हैं।

आज टेक्नोराती के भ्रमण के दौरान अपने राम को सूझी कि क्यों न उसके फेवरिट वाले जुगाड़ का प्रयोग अपने हित में किया जाय। तो आनन फानन ब्लॉगडिग्गर की सूची ली, पंकज ने दी नारद वाली सूची और इससे बने ओपीएमएल से काम बन गया। तो नये ताज़े पोस्ट पढ़ने के लिये फिलहाल मेरी फेवरिट सूची पर जायें और नवीनतम पोस्ट पढ़ें। यदि नई प्रविष्टि लिखी है तो टेक्नोराती को पिंग करें  (मैं यह मान कर चल रहा हूं की आपका ब्लॉग टेक्नोराती और मेरी फेवरिट सूची दोनों मे शामिल है।) वैसे सूची में टेक्नोराती 514 ब्लॉग दिखा रहा है, तो आपका ब्लॉग चूक गया हो यह संभावना कम ही है।

नये ब्लॉगर या सूची से चूक गये ब्लॉगर मुझे संपर्क कर सकते हैं। एक खास बात, फेवरिट सूची का अपना फीड भी है  पर और साथ ही ओपीएमएल सूची भी।

3 Responses to “अस्थाई जुगाड़”

  1. अच्छा उपाय है. मैंने अस्थायी रूप से ‘चर्चा’ गूगल-समूह को भी फिर शुरू कर दिया है. शायद पढ़ने वालों को कुछ मदद मिले.

    http://groups.google.com/group/charcha

  2. […] खैर आइए बात करते है नारद की। नारद अपना कार्य बखूबी कर रहा था, हिन्दी चिट्ठाकारों के लिए नारद संजीवनी का कार्य कर रहा था। नारद पर अब अपडेट हर घन्टे में हो रहे थे, लेकिन एक दिन अचानक। पंकज नरुला ने खबर की, कि उनके होस्ट ने हाथ खड़े कर दिया है, चूंकि हम शेयर्ड होस्टिंग पर थे और नारद जैसे प्रोजेक्ट को ज्यादा रिसोर्सेज की जरुरत पड़ती थी, इसलिए होस्टिंग वालों ने हाथ खड़े कर दिए थे। इस कारण नारद को हमें अस्थाई रुप से बन्द करना पड़ा। लेकिन नारद जैसे प्रोजेक्ट का बन्द होना, हिन्दी ब्लॉगिंग के लिए सबसे बड़ी घटना था। चिट्ठाकारों के नारद के प्रति विश्वास, प्यार और स्नेह को देखते हुए इसे डेडीकेटेड होस्टिंग पर ले जाना लाजमी हो गया। नारद के बन्द होने से मानो हिन्दी चिट्ठाकारों को आक्सीजन मिलनी बन्द हो गयी। हर तरफ़ हड़कम्प मच गया, कई साथियो ने अस्थाई इन्तजाम किए और नारद के लिए डेडीकेटेड होस्ट की खोज शुरु हुई। […]

  3. She wouldn’t tell me on her as mom son fucking limited.

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