एडवांस बधाई
Posted on सितम्बर 13th, 2006 द्वारा अतुल
सितम्बर 15th, 2005 की बात है चैट पर जीतू भाई अवतरित हुये थे। ये सूचना दी कि अनूप भाई का जन्मदिन है। हम दोनो ने उन्हें एक लेख भेंट देने की सोची। हमारा लेख तो छप गया । पर जीतू भाई का आज तक पेंडिग है।
हम इस बार फिर महब्लागर , फुरसतिया जी , गुरूदेव और बड़े भाई साहब अनूप शुक्ला जी को एडवांस में बधाई दे रहे है। दो दिन पहले इसलिये कि इसे देख जीतू भाई या किसी अन्य को लेख लिखने का विचार आये तो तैयारी के लिये भरपूर समय रहे।
अनूप भाई, आप पर हमेशा माँ सरस्वती का वरदहस्त रहे , जीवन सदैव सुखमय हो और हम सब आपको हर साल जन्मदिन के लड्डू खाते देखे आपके ब्लाग पर , इस कामना के साथ कि शायद कभी साक्षात आपके साथ ठग्गू के लड्डू खाने का मौका मिले।
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




अच्छा बताया . एगो इंटरव्यू के बारे में क्या विचार है. मैं प्रश्न भेजता हूँ उनको.
अतुल भाई, इस बार ऐसा नही हुआ। पिछली बार तो कामा (,) की मिस्टेक हुई थी।
आपने कहा था:
पकड़ो, मत जाने दो
और हमने सोचा :
पकड़ो मत, जाने दो
इसलिए छोड़ दिया गया था, इस बार फुरसतिया जी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयाँ दी है। आप भी देखिए
आप भी आइए, पड़ोसियों को भी लाइए। एक लेख पर एक लिंक फ्री।
येल्लो.यहां का हिसाब अभी बकाया ही था.सारे झगडे़ की जड़ यहां थी.धन्यवाद अतुल को हमें इन्टव्यू के झमेले में फंसाने के लिये और जन्मदिन की शुभकामनाऒ के लिये.
yahan hindi me kaise type karte hain