एडवांस बधाई

सितम्बर 15th, 2005 की बात है चैट पर जीतू भाई अवतरित हुये थे। ये सूचना दी कि अनूप भाई का जन्मदिन है। हम दोनो ने उन्हें एक लेख भेंट देने की सोची। हमारा लेख तो छप गया । पर जीतू भाई का आज तक पेंडिग है।

हम इस बार फिर महब्लागर , फुरसतिया जी , गुरूदेव और बड़े भाई साहब अनूप शुक्ला जी को एडवांस में बधाई दे रहे है। दो दिन पहले इसलिये कि इसे देख जीतू भाई या किसी अन्य को लेख लिखने का विचार आये तो तैयारी के लिये भरपूर समय रहे।

अनूप भाई, आप पर हमेशा माँ सरस्वती का वरदहस्त रहे , जीवन सदैव सुखमय हो और हम सब आपको हर साल जन्मदिन के लड्डू खाते देखे आपके ब्लाग पर , इस कामना के साथ कि शायद कभी साक्षात आपके साथ ठग्गू के लड्डू खाने का मौका मिले।

4 Responses to “एडवांस बधाई”

  1. अच्छा बताया . एगो इंटरव्यू के बारे में क्या विचार है. मैं प्रश्न भेजता हूँ उनको.

  2. अतुल भाई, इस बार ऐसा नही हुआ। पिछली बार तो कामा (,) की मिस्टेक हुई थी।

    आपने कहा था:
    पकड़ो, मत जाने दो
    और हमने सोचा :
    पकड़ो मत, जाने दो
    इसलिए छोड़ दिया गया था, इस बार फुरसतिया जी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयाँ दी है। आप भी देखिए

    आप भी आइए, पड़ोसियों को भी लाइए। एक लेख पर एक लिंक फ्री।

  3. येल्लो.यहां का हिसाब अभी बकाया ही था.सारे झगडे़ की जड़ यहां थी.धन्यवाद अतुल को हमें इन्टव्यू के झमेले में फंसाने के लिये और जन्मदिन की शुभकामनाऒ के लिये.

  4. yahan hindi me kaise type karte hain

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