अब एक क्लीक में नारद
Posted on फरवरी 26th, 2007 द्वारा संजय बेंगाणी
नारदमुनि के भक्त (तकनिकी दल) सदैव नारदजी के साज श्रृंगार में व्यस्त रहते हैं, तथा नई नई सुविधाएँ लाते रहते हैं, दो दिन पहले नया हिट्स मोड्युल लगाया गया है। आगे भी नारदजी को और बेहतर बनाने के उपाय किए जाते रहेंगे.
नारद का तकनिकी दल दुनिया के अलग अलग कोने में होते हुए भी साथ मिलकर इस भागिरथ प्रयास को सफलता पूर्वक निभा रहे हैं।
इसी कडी मे नारद मुनि को एक क्लीक में प्रकट करने का इलाज कर लिया गया है. इसके लिए आपको गुगल टुलबार का नवीनतम संस्करण इंस्टोल करना होगा.
इसके बाद, आपको सिर्फ यहाँ क्लीक करना है: पधारो नारद
यह गुगल का कस्टमाइज बटन है।
फिलहाल गुगल टुलबार का बटन ही बना है, कुछ दिनों के अन्दर याहु और एम.एस. एन. टुलबार के बटन भी उपलब्ध हो जाएंगे.
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




बहुत मजेदार बटन है,
Beta में था तब लोड किया था परन्तु किसी कारण से फॉरमेट करते समय हट गया था, आज कई दिनों के बाद फिर से एड किया है।
वाह बहुत खूब, नारद टीम को बधाई इसके लिए।
मैं तो गूगल टूलबार प्रयोग करता नहीं, पर जो करते हैं उनके लिए बहुत उपयोगी है।
हमारी मांगें पूरी करो - हिट्स मॉड्यूल को अदृश्य करो.
अब ये मेरी अकेली की मांग नहीं है - तमाम चिट्ठाकार जुड़ गए हैं इसमें!
बकिया बढ़िया चकाचक है!
रवि भाई, तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ है।
अभी पीछे पीछे, रिपोर्ट आ रही है
आज के लोकप्रिय हिट्स
कल के लोकप्रिय हिट्स
इस हफ़्ते के
इस महीने के
इस साल के भी
क्यों रवि भाई, कैसी रही?
जीतू .. हा हा!!
रवि भाई, एक बात कहना भूल गया था, पिछली बार “एक क्लिक का सवाल है” करते करते, १२० क्लिक ले गए थे, रिकार्ड देख लो। सोच लो, कितनी लोकप्रियता है आपकी।
अब भाई इस हिट्स मैकेनिज्म को लगाने के लिए नारद टीम ने कितनी मेहनत की होगी वो भी तो देखो न। वैसे मेरा ख्याल है कि नारद पर हिट्स की संख्या तत्काल न दिखाकर एक दिन के बाद दिखाई जाए या सप्ताह के अंत में साप्ताहिक Stats में। तब यह ज्यादा सार्थक होगी। वरना यह भी सच है कि ‘अमीर और अमीर होंगे और गरीब और गरीब’।