पॉडकास्ट संजाल बने स्थानीय अखबार की सुर्खि

पॉडभारती, तरकश पॉडकास्ट व आने वाली अक्षरग्राम की एक विशिष्ट पॉडकास्ट साईट की खबर आज के स्थानीय समाचारपत्र की सुर्खियों में है. पॉडकास्ट-जोकी (जॉकी) के रूप में खुशी की फोटो भी साथ में है.
यूँ तो फुरसतियाजी ने अपना अखबार निकाल कर छपने-छपाने वालो की एकबार में ही हवा निकाल दी है , मगर संकोच के साथ ही सही यह खबर हमारे ब्लोगजगत से सम्बन्धित है इसलिए बताया जा रहा है.
दरअसल दैनिक भास्कर के गुजराती संस्करण के रिपोर्टर ने हमसें सम्पर्क कर पॉडकास्ट तथा तरकश-पॉडकास्ट प्रस्तोता खुशी के बारे में जानकारी चाही व गुजराती पॉडकास्टरों के बारे में जानकारी माँगी. हमने उन्हे अपनी ऑफिस आने का निमंत्रण दिया तथा विस्तार से पॉडकास्ट के बारे में क्या, कैसे आदि समझाये.

गुजराती पॉडकास्ट के बारे में जानकारीयाँ जो हमे थी उन्हे उपलब्ध करवायी. साथ ही मौका था तो केवल तरकश पॉडकास्ट तक सीमित न रहते हुए बिना किसी भेदभाव के सभी हिन्दी पॉडकास्ट संजालो के बारे में बताया, दिखाया. पॉडभारती चुंकि पूर्णरूप से पॉडकास्ट संजाल है उसे तरकश के पॉडकास्ट सेक्शन से ज्यादा अहमियत दी, नाम को ऊपर रखा. साथ ही जल्द आने वाली एक नई पॉडकास्ट साईट को भी शामिल करवाया.

इस रपट को आप यहाँ हिन्दी में पढ़ सकते है, तथा अखबारी व्यू भी देख सकते है.

9 Responses to “पॉडकास्ट संजाल बने स्थानीय अखबार की सुर्खि”

  1. खुशी सहित पूरी तरकश टीम को हार्दिक बधाई।

    समाचार यहाँ भी देख सकते हैं।
    http://divyabhaskar.co.in/bhaskarcity/bhaskarcity_01.php

  2. बहुत कम ही लोग बचे हैं संजय अब हिन्दी ब्लॉगमंडल में जो सामुदायिक हित को सर्वोपरि रख कर चल रहे हैं, आप निःसंदेह उनमें से एक हैं। शु्क्रिया और शुभकामनायें :)

  3. बहुत अच्छी खबर!

    निसन्देह पॉडकास्टिंग सबसे ज्यादा मेहनत वाली प्रक्रिया है। दस या पंद्रह मिनट का जो पॉडकास्ट आप/हम सुनते है, उसमे बनाने वाले की कितनी मेहनत लगती है ये तो पॉडकास्ट बनाने वाला ही बता सकता है। तरकश पॉडकास्ट और पॉडभारती की टीम को बहुत बहुत साधुवाद।

    पॉडकास्ट को हमे दूर दूर तक पहुँचाना चाहिए, विभिन्न मंचो पर। कई लोग है जो हिन्दी लिख/पढ नही सकते लेकिन सुन/समझ सकते है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की ही बात लें, ईरान,श्रीलंका को देख लें, वहाँ पर हिन्दी फिल्मे देखी और पसन्द की जाती है, उसी तरह जिस दिन इन पॉडकास्ट को विदेशी चाहने वाले मिल गए, उस दिन इस विधा के वारे न्यारे हो जाएंगे।

  4. बहुत खूब ! खुशी को खूब सारा आशीर्वाद/ प्यार। तरकश टीम को बधाई। देबू के कमेंट में हम भी शामिल हैं।

  5. प्रिय खुशी को बधाई ! बहुत-बहुत बधाई !

  6. बहुत बधाई खुशी को. अब तो सेलेब्रेटी जॉकी हो गई है, वाह!! शुभकामनायें. ऐसे ही नई ऊँचाइयाँ छूते रहो.

    -देबु दा से पूर्णतः सहमत.

  7. हार्दिक शुभकामना , तरकश टोली को ।

  8. बहुत बधाई खुशी और तरकश टीम को। उम्मीद है जल्द ही पॉडकास्टिंग विधा हिन्दी जगत में नई ऊँचाइयों को छुएगी।

    ऊपर सब लोगों से हम भी सहमत हैं। :)

  9. 10 betting rules

    clone Holst perception

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