दु:ख भरी खबर
Posted on जून 7th, 2007 द्वारा जीतेन्द्र
मै आज भारी मन से एक बहुत ही दुखद समाचार आप लोगों के साथ बाँटने जा रहा हूँ। विगत ३१ मई, २००७ को हमारी लोकप्रिय चिट्ठाकारा रचना बजाज जी की बड़ी बेटी पूर्वी बजाज का एक दुर्घटना मे आकस्मिक निधन हो गया। खबर इतनी दु:खद थी कि मै अपने आप को अभी तक सम्भाल नही सका हूँ; रचना दीदी की व्यथा हम सब समझ सकते हैं। हिन्दी चिट्ठाकारों के परिवार की तरफ से मै इस दु:ख की घड़ी मे बजाज परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर बजाज परिवार को यह अपार वेदना सहने की शक्ति दें और पूर्वी की आत्मा को शान्ति प्रदान करें।
आइये हम सभी पूर्वी की आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें।
Filed under: सूचना

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 





बहुत दुःखद समाचार है. ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे.
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे.
बेहद दूखद समाचार है. मैं संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ.
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे.
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे.
एवं उसके परिजनो को हिम्मत प्रदान करें
ईश्वर शक्ति दें , शांति दें , इस बेहद दुखद घडी में ।
अत्यन्त दु:खद समाचार है. इस दुख की घडी में ईश्वर परिवार को हिम्मत व दिंवागत आत्मा को शांति प्रदान करें
बहुत ही दुखद समाचार है।
ईश्वर बजाज परिवार को शक्ति दे और प्यारी सी पूर्वी की आत्मा को शांती दे।
बडा ही दुखद समाचार है..ईश्वर पुण्य आत्मा को शांति दे और परिवार जनो को इस दुख से लड्ने की हिम्मत.
ओह, रचना जी के इतने दिन गायब रहने का कारण समझ अब आया। मेरी हार्दिक संवेदनाएँ उनके और उनके परिवार के साथ।
ओह!
ईश्वर इन्हें स्वर्ग में जगह दे!
और बजाज परिवार को इस दुख के लिए सहनशक्ति प्रदान करे
बेहद दुखद समाचार। परमात्मा बजाज परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दें और पूर्वी की आत्मा को शांति।
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे, एवं बजाज परिवार को इस दुःखद घडी से उबरने की शक्ति प्रदान करे।
शोक संतप्त बजाज परिवार की वेदना के साथ हमारी संवेदना! भगवान पूर्वी की आत्मा को शान्ति प्रदान करें। ‘जन्मस्य ध्रुवो मृत्यु:’ (जो जन्म लेता है उसकी मृत्यु निश्चित है) इस ध्रुव सत्य को समझने से हमारे अपने प्रिय जनों से बिछुड़ने का दु:ख कम होता है।
शोक संतप्त बजाज परिवार की वेदना के साथ हमारी संवेदना! भगवान पूर्वी की आत्मा को शान्ति प्रदान करें। ‘जन्मस्य ध्रुवो मृत्यु:’ (जो जन्म लेता है उसकी मृत्यु निश्चित है) इस ध्रुव सत्य को समझने से हमारे अपने प्रिय जनों से बिछुड़ने का दु:ख कम होता है।
बहुत ही दु:खद खबर है। मेरी संवेदनाएँ बजाज परिवार के साथ हैं। पूर्वी अब परमपिता के पास है, प्रभु बजाज परिवार को हिम्मत और हौसला दे।
बेहद दुखद समाचार है परन्तु होनी को कौन टाल सका है,…
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे
समझ नहीं पा रहा हूं कि एक मां को किस तरह ढाड़स बंधाऊं . बजाज परिवार को किन शब्दों में धीरज धरने को कहूं . यह वेदना तो समय ही कम कर पाएगा . दुख की इस घड़ी में हम बजाज परिवार के साथ खड़े हैं .
ईश्वर बेटी पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे .
बच्चों का बिछुड़ना, दुखद होता है। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति दे।
मुझे शब्द नहीं मिल रहे है रचना जी के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करने के।
रचना जी बताती थीं कि अत्यंत शांत, सौम्य और संवेदनशील व्यक्तित्व पाया था पूर्वी ने। इतनी कम उम्र में ही समाज के नीचे तबकों की सहायता करने का जज्बा था इस बच्ची में।
भगवान की लीला विचित्र है…असमय ही उसे क्यूँ वापस बुला लिया ?
और कुछ नहीं लिख पाऊँगा मैं…
रचना जी और उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएँ ! इस दुख को सहना अति कठिन है । पर सहने के सिवाय साधन ही क्या है । आशा करती हूँ रचना जी व उनका परिवार मिलजुल कर इस दुख की घड़ी में एक दूसरे का सहारा बन इस दर्द को सहने की हिम्मत जुटाएगा ।
घुघूती बासूती
पिछले साल निशा के बाद अभी तक उसे भूले नहीं और अब पूर्वी।
हे भगवान आप इतने निर्दयी कैसे हो?
रचनाजी और पूरे बजाज परिवार को यह आघात सहन करने की भगवान शक्ति दे।
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः .
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ..
हे इश्वर ! रचना जी को इस दुख को सहने की शक्ति दे !
इस हृदय-विदारक, द:खद समाचार पर प्रतिक्रिया के लिये कोई शब्द नहीँ हैं। केवल इतना कि ईश्वर हम सबको और विशेष रूप से शोक-संतप्त बजाज परिवार को इस विपत्ति में धैर्य और दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करे और पूर्वी की आत्मा को शांति। रचना जी का दु:ख तो असीम होगा जिसकी हम कल्पना भी नहीँ कर सकते।
मानव जीवन के सबसे बडे आघातो मे से एक रचना जी को झेलना पडा है, हम सब की संवेदनाये उनके साथ है ,भगवान से प्रार्थना है कि उन्हे और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ती प्रदान करे
my condolences with the family and may the departed soul rest in peace
यह खबर पढ़कर मैं स्तब्ध हूं। मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे सांत्वना दूं। रचनाजी की तमाम रचनायें उनकी इस बच्ची के इर्द-गिर्द घूमतीं थीं। उनको लिखने के लिये उत्साहित करने में भी पूर्वी की ही प्रेरणा थी। अफसोस! कि वह चली गयी। भगवान से प्रार्थना है कि उन्हे और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
इस दुख की घडी मेँ मेरी सम्वेदनायें.
मेँ रचना जी के दुख मेँ सहभागी हूं. इश्वर से प्रार्थना है कि परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे.
अरविन्द चतुर्वेदी
This is extremely sad news. May Poorvi rest in peace. May Lord give strength to Rachna ji and her family to bear this shocking tragedy.
विश्वास ही नहीं होता. बेहद दुखद समाचार. क्या काल इतना भी क्रूर हो सकता है?
परमात्मा रचना बजाज जी के परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दें और बेटी पूर्वी की आत्मा को शांति. रचना जी, इस दुखद क्षणों में हम आपके साथ खड़े हैं.
Very sad news, may her soul rest in peace. God give the family the strength to bear the loss.
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे
जिसकी हम पूजा करते है वह ईश्वर भी इतना निर्दयी हो सकता है। प्रकृति के इस निष्ठुर प्रकृति के हम बेबस है। जिस ईश्वर ने प्राण लेते समय यह नही सोचा कि कितनी प्यारी बच्ची है। उस ईश्वर के सामने आत्मा की शान्ति की प्रार्थना करना व्यर्थ है।
पूर्वी तुम अद्भुत थी और हमें सदैव याद आओंगी।
पुण्यात्मा को नमन।
ईश्वर इस दु:ख की घड़ी में बजाज परिवार को सहने की शक्ति दे ।
बहुत ही दुखभरी खबर ! नियति के काल चक्र पर किसी का जोर नही है, ईशवर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे और रचना जी को भी संबल दे कि वह इस कठिन परिस्थितयों से निकल सकें.
मेरी हार्दिक संवेदनाएँ। ईश्वर बजाज परिवार को शक्ति प्रदान करे।
भगवान रचना जी को इस दुख को सहने की शक्ति दे !
मेरी हार्दिक संवेदनाएँ
खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी हूँ. रचना जी को हार्दिक संवेदनाएँ.
आज नारद पर आते ही यह खबर पढ़ी तो विश्वास नहीं हुआ। अभी कुछ दिन पहले ही तो रचना जी से गूगल टॉक पर बात हुई थी।
रचना जी और बजाज परिवार का दुख समझ सकता हूँ क्योंकि ऐसे ही दुख से हम भी गुजर चुके हैं। सच में प्रियजनों से असमय बिछड़ने का दर्द सालों तक नहीं जाता। अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि केवल समय ही इस दुख का इलाज है।
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति दे और बजाज परिवार को इस महान दुख को सहन करने हेतु शक्ति।
द:ख की इन कातर घड़ियों में, क्या बोल सांत्वना के बोलूँ
हैं सारे शब्द निरीह मेरे, शब्दों ने क्षमता कब पाई
लेकिन महसूसे हैं मैने, जो भाव आपके मन होंगे
बस उथल पुथल हो गया ह्रदय,फिर से आंखें नम हो आईं
है क्रूर नियति के हाथों में, केवल कठपुतली यह जीवन
कब डोर कौन सी खिंच जाये, ये अब तक जान कौन पाया
हम सभी आपके सहभागी, आओ श्रद्धा के सुमन चढ़ा
फिर ज्योति बना रख लें प्रकाश, जो पूर्वी ने है उपजाया
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे.
बहुत दुखद समाचार। सकते में हूं। कुछ कहते नहीं बन रहा है। रचना जी को इस विशालकाय संकट से उबरने की ताकत भगवान दे।
My prayers for Rachnaji and family …..I just read this post……it would be impossible to comprehend Rachnaji’s sorrow….I hope she regains her composure and make Poorvi’s memory a treasure…..
Fate can be so unreasonable …so unfair….
Yet I pray she has faith…..
“When you come to the edge of all the light you know and you are about to step off in the darkness of the unknown, faith knows one of two things will happen: There will be something solid to stand on, or you will be taught how to fly.”
My prayers and love for you Rachnaji….
रचना दीदी….दिन भर की कामकाजी व्यस्तताओं के बाद कंप्यूटर बैठता हूं…कुछ खु़शी मिले इसलिये…अक्षरों और शब्दों की दुनिया आज शाम आपकी दुलारी के जाने से बोझिल और तल्ख़ हो गई है.लिखने - पढने वालों की पूरी बिरादरी आज ग़मज़दा है..और शरीक है आपके और आपके परिवार दे दुख में.शब्दों में तसल्ली दे देना आसान है ..जिस पर गुज़रती है वही जानता है अपना दुख.मै तो यही कह सकता हूं कि वो आपके आंगन की धूप और हवा बन कर आपके आसपास ही है..बस धीरज रखियेगा ..पूर्वी का जाना आपके परिवार की अपूरणीय क्षति है…मेरी समवेदनाएं.
संजय पटेल
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करें व रचना जी और उनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.
रचना जी और उनके परिवार को ईश्वर यह असीम दुख सहने की शक्ति दें. दिवंगत आत्मा को शांति मिले!
हृदय विदारक समाचार है। शोक संतप्त परिवार को सांत्वना।
बेहद दुखद समाचार है। ईश्वर रचना बजाज जी के परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। ये दुख जीवन भर नहीं भुलाया जा सकता।यहाँ हम ईश्वर से नाराज़ होते हैं, न जाने क्या सोचकार वो ऐसा करते हैं।
रचना जी, इस असीम दु:ख को सहन करने की शक्ति भगवान आपको देगो,प्रार्थना है।
दुखद, ईश्वर रचना जी को ऐसी स्थित मे शक्ति प्रदान करे।
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे.
हमारी ओर से हार्दिक संवेदनाएं
[…] उसी दिन दोपहर को जब मैंने अपनी मेल देखने के लिये जीमेल खोला तो जीतेंन्द्र के नाम के आगे ‘दुख भरी खबर’ का लिंक लगा था। जब उसे देखा तो स्तब्ध रह गया। अभी तक विश्वास करने का मन नहीं होता। […]
बहुत दुख भरी खबर! स्तब्ध हूं.
पूर्वी की पुण्य आत्मा को श्रद्धसुमन!
ईश्बर बजाज परिवार को शक्ती प्रदान करे.
स्तब्ध कर देने वाला समाचार है. परमपिता दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करे और शोक संतृप्त परिवार को दु:ख सहने की असीम शक्ति.
ईश्वर पूर्वी की आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे.
एक माँ का दर्द कोई नहीं समझ सकता …..भगवान आपको इस अपार वेदना और दुख को सहने की शक्ति दे ….
प्रभु श्रीनाथजी मासूम पूर्वी को सदगति प्रदान करे। रचना जी एवं परिजनों को सम्बल प्रदान करें।
वाक़ई बहुत दु:खद ख़बर है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह रचना जी को इस सदमे को सहने और इससे उबरने की क्षमता प्रदान करे।
मेरी हार्दिक संवेदनाएँ.
पूर्वी असीम की प्यार भरी गोद मिले..
और उसके परिवार को आन्तरिक ढाढस.. यही प्रार्थना है।
जिन्दगी पानी की मीठी झील है
मौत मंडराती हुई इक चील है
चोंच भर जल ले गयी तो क्या हुआ
झील का अपना अलग ही शील है
[…] की यादें June 21, 2007 Posted by rachanabajaj in पॉडकास्ट. trackback [पूर्वी के दुःखद असमय निधन (१,२) के काफीदिनों बाद रचना जी से कल संक्षिप्त बात हुई जिसमें उन्होंने पूर्वी का यह संगीत पॉडकास्ट करने को कहा जो कि कुछ ही दिन पहले रिकॉर्ड किया गया था। शंकर-जयकिशन द्वारा ‘अनाड़ी’ फिल्म के गीत “किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार” के लिए यह कंपोज किया गया था। संगीत अत्यंत मार्मिक और उदासी भरा है। पूर्वी जहाँ भी हो ईश्वर उसे प्रसन्न रखे। - श्रीश] […]
मेरी ओर से हार्दिक सम्वेदनाए अल्लाह प्यारी बेटी की रूह के तस्कीन दे।
मेरी ओर से हार्दिक सम्वेदनाए अल्लाह प्यारी बेटी की रूह को तस्कीन दे।
आज ही ये अत्यंत दुःखद समाचार पढ़ा और ये दुःख भरी बात का पता चला। ईश्वर आपको और समस्त बजाज परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे और पूर्वी की आत्मा को शांति।
हमारी हार्दिक संवेदनाएँ ।
भगवान पूर्वी की आत्मा को शांति दे।