अब आया लक्ष्मी का नंबर
Posted on जुलाई 23rd, 2007 द्वारा tarun
मुझे यह जानकारी देते हुए बहुत खुशी हो रही है, कि हमारी ब्लॉगर्स पार्क वाली चिट्ठाकारा सहेली को १८ जुलाई के दिन पुत्री की प्राप्ति हुई है। नवआगंतुक की किलकारीयों से फुर्सत मिलते ही उन्होंने इस खुशखबरी की सूचना दी। सहेली और बिटिया दोनों एक दूसरे के साथ अभी कुछ दिनों व्यस्त रहेंगे।
समस्त चिट्ठाकार परिवार की ओर से सहेली जी को ढेरों शुभकामनाएँ, एवं नन्ही मुन्नी भतिजी को ढेर सारा आशीर्वाद।
Filed under: सूचना

अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




congratulations
सहेलीजी को ढ़ेर सारी बधाई व भतीजी को ढ़ेर सारा आशीर्वाद.
बहुत-बहुत बधाई !
ढ़ेर सारी बधाई
बहुत-२ बधाई
बहुत-बहुत बधाई सहेली जी को।
बहुत बधाई.
बधाई
शुबकामनाओ के लिये बहुत बहुत धन्यवाद् आप सभिको मेरि तरफ़् से !
Mujeh bhi kya is pariwar me jagah milegi?
[…] कहीं मैनें पूर्वी को खोया तो लगा - क्या मासुम रिश्ते भी भ्रम से हैं - हाय रे विधि का विधान । तो कहीं निराश मन को जगाकर कंधो का मजबुत करने की बात आयी, उन पर खेलने वाले जो आ गये है - मैं चाचाजी , मामाजी या यूँ कहें इंगलिश में अंकलजी बन गया हूँ ना । […]
[…] कहीं मैनें पूर्वी को खोया तो लगा - क्या मासुम रिश्ते भी भ्रम से हैं - हाय रे विधि का विधान । तो कहीं निराश मन को जगाकर कंधो का मजबुत करने की बात आयी, उन पर खेलने वाले जो आ गये है - मैं चाचाजी , मामाजी या यूँ कहें इंगलिश में अंकलजी बन गया हूँ ना । […]