हिन्दी चिट्ठाकार और पन्द्रह दिन का उत्सव
“सर्वश्रेष्ट चिट्ठाकार” का चयन और फिर “स्वर्ण कलम” पुरस्कार दिया जाना एक जनवरी से पन्द्रह जनवरी तक चलने वाला हिन्दी चिट्ठाकारीता का अपना सालाना उत्सव है, इसमें एक से दस जनवरी तक नामांकन भेजे जायेंगे है, यह प्रक्रिया उत्साहपूर्वक अभी जारी है और फिर ग्यारह से पन्द्रह जनवरी तक मतदान होना है.
नियम, पुरस्कार व अन्य जानकारियाँ यहाँ उपलब्ध है.
यह एक ऐसा आयोजन है जो तमाम तरह की कही जाने वाली गुटबाज़ी को ध्वस्त करता और सभी तरह के विचार व प्रकार के चिट्ठो को समान अवसर प्रदान कराता है. पूर्व में हुए आयोजन में जो खेल भावना सामने आयी थी कम से कम वह तो यही दर्शाती है.
अगर आप हिन्दी चिट्ठाकार है तो आज ही अपने चिट्ठे को नामांकित करें या फिर अपने पसन्दीदा चिट्ठाकार के चिट्ठे को नामांकित करे.
पूर्व विजेता सूची में समीरलालजी, उन्मुक्तजी, सागरजी व शुएबजी के नामो से साथ अगला नाम आपका हो, हमारी शुभकामाएं.
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




वही जीतेगा जिसका पौआ भारी होगा