प्रोफेसर र.कृ, जोशी को चिट्ठाकारों की श्रद्धाञ्जली

जोशी अक्षरग्राम की इस चौपाल का उपयोग चिट्ठाकारों द्वारा किसी घोषणा के लिए होता रहा है, और इसका उद्देश्य भी यही है.

इसी चौपाल से हिन्दी चिट्ठाकार आज प्रोफेसर र.कृ, जोशी को श्रद्धाञ्जली देते है. हम चिट्ठाकारी के माध्यम से हिन्दी के प्रसार का दावा करते रहे है, मगर सच्चाई यह है की श्री जोशी के अथक प्रयासों के कारण ही हम हिन्दी चिट्ठाकार हिन्दी में अपना सन्देश प्रसारित करने में सक्षम हो रहे हैं.

चिट्ठाकार समूह पर हरिराम भाई द्वारा लिखा गया संदेश यहाँ रखना चाहता हूँ,

“भारतीय लिपियों के कम्प्यूटरीकरण हेतु सुन्दर फोंट डिजाइन करनेवाले, टाइपोग्राफर, कैलिग्राफर तथा युनिकोड मानकों के निर्धारण के लिए निरन्तर तपस्यारत, प्रोफेसर र.कृ, जोशी जी का 5 फरवरी को सान फ्रांसिस्को, अमेरिका में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। प्रो. जोशी जी वैदिक संस्कृत स्वर-चिह्नों के युनिकोड मानकीकरण के सम्बन्ध में युनिकोड कोन्सोर्टियम की एक बैठक में विशेष उपस्थापन पेश करने के लिए सान-फ्रांसिस्को गए हुए थे। प्रो. जोशी सी-डैक, मुम्बई में विजिटिंग डिजाइन स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। श्री जोशी के अथक प्रयासों के प्रतिफल स्वरूप ही आज हम सभी हिन्दी चिट्ठाकार हिन्दी में अपना सन्देश प्रसारित करने में सक्षम हो रहे हैं। उन्होंने अनेकानेक फोंट्स के कम्प्यूटरीकरण किए, जिसमें लिनक्स प्लेटफॉर्म में हिन्दी का रघु, तथा माईक्रोसॉफ्ट विण्डोज का डिफॉल्ट हिन्दी फोंट मंगल शामिल है। प्रोफेसर जोशी भारतीय भाषाओं/लिपियों के कम्प्यूटरीकरण को पूर्णतः फोनेटिक, सरल, सपाट और
एकमुखी बनाने के लिए मौलिक शोधपूर्ण सरल प्रौद्योगिकी के मानकीकरण के लिए सतत् प्रयत्नशील थे।
इनके बारे में विशेष विवरण यहाँ उपलब्ध है.

हम उनकी आत्मा का शान्ति के लिए ईश्वर से हार्दिक प्रार्थना करते हैं और उनके द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सम्पूर्ण सफलता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं।

उनके प्रति श्रद्धाञ्जलि व्यक्त करने के लिए कृपया यहाँ ई-मेल करें.

One Response to “प्रोफेसर र.कृ, जोशी को चिट्ठाकारों की श्रद्धाञ्जली”

  1. ईमेल पर शोक संवेदना प्रकट कर दी गयी है।
    ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। हमारी तरह से प्रोफ़ेसर जोशी को सच्ची श्रद्धाञ्जलि यही होगी कि उनके चलाए गए अभियान को आगे बढाएं।

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