संगत केर गति- नीरज त्रिपाठी
Posted on सितम्बर 29th, 2005 द्वारा अनूप
[नीरज त्रिपाठी अनुभूति के याहू ग्रुप के सदस्य हैं। नियमित कवितायें लिखते हैं। आज उनकी कविता देखी ‘संगत केर गति’। कविता रोचक जानकर यहां दे रहा हूं। अनुभूति ग्रुप तथा नीरज त्रिपाठी को आभार देते हुये। कविता का मजा लें और नीरज को पटायें /उकसायें ब्लाग लेखन के लिये।मैंने तो ‘मेलानुरोध’ कर दिया।]
संगत केर गति
चंदन […]
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 



