Posted on नवम्बर 13th, 2007 द्वारा आलोक
पंकज ने घोषणा तो कर दी थी, और १५ सितंबर (२००७) की तारीख भी तय कर दी थी, लेकिन आगे कुछ हुआ ही नहीं। शायद लोग रावण जलाने, पटाखे खरीदने और कुत्ती चीज़ (यानी कंसल्टिंग) करने में लगे हुए थे। अब क्योंकि मैं इस पर लिखना चाहता हूँ, पंकज की अनुमति के साथ (जो कि […]
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Posted on सितम्बर 2nd, 2007 द्वारा पंकज
फैक्टरियों के मालिक मशीनों की असली कीमत जानते हैं। इसीलिए बहुत सी फैक्टरियों में मशीनों को पूरी तरह चालू रखने के लिए शिफ्टों में काम होता है कि मशीनें हर समय चलती रहें। कम्पयूटर भी एक मशीन ही है (वैसे देबू, अमित व जीतू शायद इसे मशीन से अधिक मानें । समय के साथ […]
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Posted on अगस्त 19th, 2007 द्वारा आलोक
इस वक़्त सोमवार के प्रातः ०५:५१ बजे हैं और अनुगूँज का सारांश चार दिन पहले छप जाना चाहिए था। पर चक्कर यह हुआ कि एक तो मेरी कार पिछले शनिवार ११ अगस्त को चोरी हो गई - और अमेरिका की तरह अभी हिंदुस्तान में कार चोरी होने पर लोनर कार नहीं मिलती है, और […]
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Posted on अगस्त 5th, 2007 द्वारा आलोक
चूँकि अभी तक हिन्दुस्तान अमरीका नहीं बना है, अनुगूँज २२ की तिथि पन्द्रह अगस्त तक बढ़ा दी गई है। तो, लिखें। कई बन्धुओं-भगिनयों को अनुगूँज की छवि का कूट नहीं मिला, सो यहाँ है - वही जो a href से शुरू हो रहा है, ऊपर वाला। यह अपने लेख के शुरू में लगा दें। और […]
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Posted on अगस्त 1st, 2007 द्वारा आलोक
आप सबसे अनुरोध है कि इस विषय पर लिखें - पाँच तारीख तक का समय है। यानी - आज, 1 अगस्त से लेकर पाँच अगस्त तक। हास्य रस का जम कर इस्तेमाल करें, आजकल चिट्ठों की दुनिया में वैसे ही गम्भीर विषयों पर लगातार चर्चा हो रही है।प्रविष्टि लिख कर यहाँ टिप्पणी में कड़ी […]
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