Posted on फरवरी 25th, 2008 द्वारा आलोक
मूल प्रविष्टि यहाँ थी, पर शुक्रवारी खामियाजा भुगतते हुए वह सोमवार तक दब गई, इसलिए यहाँ फिर से छाप रहा हूँ।
यूँ ही खाली बैठे थे - चिट्ठाजगत-संकलक कुछ दिन पहले बैंकॉक घूम के आया था, तब तक चिन्ता थी, अब आराम फ़रमाते हुए सोचा कि देखते हैं कुछ आँकड़े।
आइए, देखते हैं कि हिन्दी चिट्ठों की दुनिया में […]
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Posted on फरवरी 2nd, 2007 द्वारा आशीष श्रीवास्तव
संगणक प्रोद्योगिकी के क्षेत्र मे हमेशा एक बहस छीडी रहती है कि कौनसा आपरेटींग सिस्टम बेहतर है विडोज़ , लिनक्स या मैक। मैं लिनक्स का समर्थक हूँं, सिर्फ इसलिये कि यह एक मुक्तश्रोत साफ्टवेयर है। यह तकनीकी रूप से बेहतर है या नही यह एक विवाद का विषय है। इस लेख का उद्देश्य इन तीनों […]
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Posted on सितम्बर 11th, 2006 द्वारा देबाशीष
मित्रों, नारद के अस्थाई रूप से बंद होने से हम सभी को ब्लॉक्सीज़न मिलनी बंद हो गई है। ठीक है चिट्ठा विश्व भी है पर यह ब्लॉगडिग्गर की कृपा पर निर्भर रहता है और ब्लॉगडिग्गर महाशय आजकल मनमर्जी से अपडेट होते हैं।
आज टेक्नोराती के भ्रमण के दौरान अपने राम को सूझी कि क्यों न उसके […]
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Posted on मई 21st, 2006 द्वारा पंकज
कुछ समय पहले देबाशीष से पता चला था कि तकनीकी खबरों के लिए हिन्दूस्तानी दृष्टिकोण लिए एक सजाल आया है शून्य । उस समय इसका केवल अंग्रेजी संस्करण ही था। पर आज नारद में देखा कि इसका हिन्दी संस्करण भी है व इसे चला रहे हैं 9-2-11 आलोक। आलोक […]
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Posted on अप्रैल 3rd, 2006 द्वारा पंकज
आज आप ने देखा होगा कि अक्षरग्राम का स्वरूप थोड़ा सा बदला हुआ है। यह केटू अभिकल्प का कमाल है। उस से भी कमाल की जो चीज है वह है वर्डप्रैस की नई विजेटस क्षमता। केटू शायद पहला अभिकल्प है जो कि इस का प्रयोग कर रहा है। तो यह विजेट्स इतनी धमाकेदार क्यूँ हैं। […]
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