नया घर - क्या नाम हो

सज्जनों एवं देवियों
ओह अभी देवी तो कोई है ही नहीं सभी देव हैं चलिए कोई बात नहीं पते की बात पर आते हैं। पहले भी इस बात पर चर्चा हो चुकी है विषय है
1. नीरव अतुल द्वारा प्रस्तावित ब्लॉगजीन
2. अपना डोमेन नेम
तो वेब पर उपस्थिति के लिए दो चीज़ो की आवश्यकता होती है। […]

मैं और मेरा रुममेट अकसर ये बातें करते हैं – कभी कभी

कॉलेज के बाद और शादी से पहले का दौर नौजवानों के लिए बड़ा मस्त होता है। कईयों ने इस गुण गाए हैं। जगजीत सिंह का एक पंजाबी गाना भी है – छड़याँ दी जून बुरी यानि कि कुँवारों की जात ही बुरी होती है। इसकी कुछ पंक्तियाँ है –
जे किसी छड़े दी माँ मर जावे
कल्ला […]

अतुल जी अकेले मलाई खा रहे हैं

हिन्दी ब्लॉगमंडल में एक बड़ी पुरानी पेट दर्द रही है - प्रविष्टियों के साथ चित्रों को सम्मिलित करना। मानना होगा की इस बारें में सब से ज्यादा खोज अतुल जी ने की होगी। रीडिफ के दामन से ऐश्वर्या को गाँव में खींच के लाए। माईजावासरवर से भी थोड़ा खिलवार किया। पर अब जब कि उन्होंने […]

भारतीय संस्कृति - चिट्ठाकारों की नजर से

जितेन्द्र का दुखड़ा पढ़ कर आज हाईवे वन औ वन के शाम के युद्धसरीखे ट्रैफिक में प्रण कर लिया था कि अब चाहे जो हो जाए - प्रविष्टि हो कर रहेगी। घर आकर चाय पी और नोटबुक को हाथ ही लगाया था कि बीवी ने कहा कि - अगर कम्पयूटर पर कुछ करना है […]

भारतीय संस्कृति - अंतिम तिथि 22 नवम्बर

यदि आप ने दूसरी अनुगूँज के लिए अपनी प्रविष्टि नहीं लिखी है और आप “भारतीय संस्कृति क्या है….” के ऊपर अपने विचार रखने चाहते हैं तो अभी भी समय बाकी है। 22 तारीख से पहले अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं