गीता अनुवाद

आज फिर फ़ुर्सत में इंटरनेट पर टहल रहा था, एम आई टी के सर्वर पर एक भारतीय बन्धु द्वारा गीता का अनुवाद दिखा, सोचा अपने चौपाल पे भी परोसा जाए। इनका उत्साह और परिश्रम देखकर तो बड़ी खुशी हुई लेकिन हिन्दी-उर्दू अनुवाद में काफी क़सर रह गयी है, कहीं कहीं तो बिल्कुल ‘फन्न्न्नी’ सा […]

नवीं अनुगूँज का एकीकृत अवलोकन

मित्रों ! नवीं अनुगूँज का समय समाप्त हो चुका है । मै इसको एकीकृत करने मे लगा हुआ हूँ । इस मास के अन्त तक मैं इसे आप सबके अवलोकनार्थ प्रस्तुत कर दूँगा । इस बीच जो प्रविषटियाँ प्राप्त होंगी , उन्हे भी शामिल कर लूँगा ।
इसके साथ ही दसवीं अनुगूँज का […]

चिट्ठा चर्चा

चिट्ठों की दुनिया के बारें आजकल धड़ाधड़ छापा जा रहा है। यहाँ तक कि हिन्दी चिट्ठाकारों की सँख्या जब 50 के आसपास ही लटक रही है एकाध से ज्यादा प्रतिष्ठित जगहों पर हो चुकी है, और आशा है आगे और भी होगी। फिलहालस ये चिट्ठे व्यवसाय की दुनिया को कैसे प्रभावित करेंगी इसके बारे में […]

पूछ ले भाई कुछ फ़ुरसतिया से

निरंतर का अगला अंक निकलने में मात्र नौ दिन बचे हैं.इसमें एक स्तम्भ होता है-पूछिये फुरसतिया से.अभी तक कोई सवाल नहीं पूछा गया.पिछले अंको में भी जीतेन्द्र और फुरसतिया का जवाबी कीर्तन होता रहा.बीच-बीच में शैल संगत देते रहे.क्या बात है?लगता है स्वामीजी की बात सही है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था सवाल पूछना
नहीं सिखाती.पूछ लो […]

इंस्क्रिप्ट लेखनी

इंस्क्रिप्ट का प्रयोग कितने लोग करते हैं वह तो पता नहीं, पर यह बताता हूँ कि इसका प्रादुर्भाव हुआ कैसे। यानी इंस्क्रिप्ट का नहीं, इस लेखनी का।
हुआ यूँ कि मनीला शहर में मेरा लॅप्टॉप बैठ गया, कहने लगा कि हार्ड डिस्क 0 मौजूद नहीं है। यह कौन समझाए उसे कि 0 का मतलब ही नामौजूद […]