Posted on सितम्बर 30th, 2005 द्वारा अनूप
शब्दांजलि में साक्षात्कार का स्तम्भ शुरु हुआ तो खोज हुई हिंदी की जानी मानी हस्ती की। बातों बातों में हाथ आये अपने देबाशीष चक्रबर्ती। सवाल-जवाब का मजा लिया जाये। साथ में देखें अपने जीतेन्दर बाबू का बहुचर्चित लेखमोहल्ले का रावण दहन । साथ में और भी बहुत कुछ प्रस्तुत किया है सारिका ने शब्दांजलि में […]
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Posted on सितम्बर 29th, 2005 द्वारा अनूप
[नीरज त्रिपाठी अनुभूति के याहू ग्रुप के सदस्य हैं। नियमित कवितायें लिखते हैं। आज उनकी कविता देखी ‘संगत केर गति’। कविता रोचक जानकर यहां दे रहा हूं। अनुभूति ग्रुप तथा नीरज त्रिपाठी को आभार देते हुये। कविता का मजा लें और नीरज को पटायें /उकसायें ब्लाग लेखन के लिये।मैंने तो ‘मेलानुरोध’ कर दिया।]
संगत केर गति
चंदन […]
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Posted on सितम्बर 25th, 2005 द्वारा राजेश
संगति की बात की थी , मैंने , तेरहवीं “अनुगूँज” के माध्यम से ।
गति का प्रयोग लाक्षणिक रूप से किया गया था , अभिप्राय “परिवर्तन” और प्रभावों से था ।
लिहाजा , “सत्संगति” के साथ-साथ “विसंगतियों” का भी जिक्र होना स्वाभाविक ही था ।
पन्द्रह सितम्बर तक जब कोई प्रविष्टि नहीं दिखी , […]
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Posted on सितम्बर 21st, 2005 द्वारा पंकज
अक्षरग्राम एक सामूहिक प्रयास है व आज इसे इतने लोग पढ़ते हैं उसका कारण भी सभी का सहयोग है। अक्षरग्राम पर आज की तिथि में नीचे दिए गए सॉफ्टवेयर चल रहे हैं
अक्षरग्राम - आप सभी की अपनी चौपाल जहाँ गप शप के अलावा होती है विभिन्न मुद्दों पर बातें
सर्वज्ञ - हिन्दी का उपयोग सजाल पर […]
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Posted on सितम्बर 19th, 2005 द्वारा पंकज
क्या आप जानते हैं कि अक्षरग्राम के ज्यादातर पढ़ने वाले कहाँ से आते हैं? पहले स्थान को जानना तो मुश्किल नहीं है। साधारण सी बात ज्यादा हिन्दी ब्लॉगर कहाँ हैं - अमरीका में। ज्यादा पढ़ने वाले कहाँ से आएंगे - अमरीका से। यह तो हुआ पहले नम्बर की बात।
अब बताइए दूसरे नम्बर पर कौन सा […]
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