Posted on मार्च 28th, 2006 द्वारा sanjay
पिछले दिनो चिट्ठा जगत में एक मुद्दा ज़बरदस्त छाया रहा, शोएब ने ‘धर्म’ पर क्या लिखा रवि कामदार भी जोश में आ गये और अपने मन कि गुबार निकाल बैठे. दनादन टिप्पणियां भी आयी. मुझे लगा जब हर कोई इस विषय में कुछ न कुछ कहना चाहता हैं, हर कोई धर्म के प्रति अपना एक […]
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Posted on मार्च 21st, 2006 द्वारा पंकज
आज लगता है गूगल को भी खबर हो गई कि मुझे तोहफा दिया जाना चाहिए। जब सुबह सभी की टिप्पणियाँ पढ़ रहा था तो गूगल की दो ईमेलें भी आई हुई थी।
ईमेल होस्टिंग - पहली थी ईमेल होस्टिंग सर्विस के बारे में कि मेरे pnarula.com के लिए ईमेल मंजूर हो गई है। क्या मतलब […]
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Posted on मार्च 18th, 2006 द्वारा
मैंने भी सभी हिन्दी चिट्ठाकारों की तरह ब्लॉगर पर चिट्ठा लिखना शुरु किया
था। आलोक, देबू, संजय व्यास इत्यादि ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया था। उसके
बाद लगा कि अपना ब्लॉग होना चाहिए और मूवेबल टाइप का प्रयोग आरंभ किया।
उसका हिन्दी संस्करण उपलब्घ नहीं था तो उसे ही हिन्दी में अनुवादित करने
का बीड़ा उठाया। मन बहुत आनंदित […]
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Posted on मार्च 16th, 2006 द्वारा आलोक
आप सभी लोग नारद से परिचित होंगे।
जो नहीं हों, वो जान लें कि चिट्ठा विश्व पर
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वाली त्रुटि आने पर यहाँ जाया जाता है। वैसे देबाशीष (धर्मशाला से किराये के घर में पहुँचने की बधाई) ने इस मामले में शुरुआत की थी, चिट्ठाविश्व से, पूरे जावाई तामझाम के साथ।
तो […]
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