Posted on अप्रैल 29th, 2006 द्वारा पंकज
थोड़े दिन पहले गूगल ने एक कम्पनी खरीदी थी नाम है स्केचअप। यह कम्पनी त्रिआयामी चित्र बनाने का प्रोग्राम बनाती थी। यानि कि यदि आप किसी भी चीज का 3D मॉडल देखना चाहते हैं तो इसके द्वारा बना सकते हैं। यदि आप इसके सजाल पर जाएंगे तो पाएंगे कि लोगों ने ताजमहल, गोल्डन गेट, वाईट […]
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Posted on अप्रैल 24th, 2006 द्वारा sanjay
अनुगूंज : 18 में जो उत्साह दिखा उसके लिए मैं सभी चिट्ठाकार बंधुओं का आभार व्यक्त करता हुं. अनुमान तो पहले से ही था कि इस विषय पर हर चिट्ठाकार कुछ न कुछ कहना चाहता है, बस एक मौका और माहोल तैयार करने भर कि देर हैं. अनुगूंज कि वजह से यह दोनो सहज ही […]
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Posted on अप्रैल 16th, 2006 द्वारा sanjay
(अभी तक अनुगूंज से संबंधित सारी सूचनायें अक्षरग्राम पर देने का चलन रहा है,यह बात ध्यान में आते ही इस पोस्ट को जोगलिखी से हटा कर अक्षरग्राम पर रख दी हैं)
15 तारीख़ के समाप्त होते ही ‘अनुगूंज 18: मेरे जीवन में धर्म का महत्व’ के लिए प्रविष्टी भेजने का समय भी समाप्त हो गया हैं.
चिट्ठाकारों […]
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Posted on अप्रैल 13th, 2006 द्वारा पंकज
जो भाई लोग कैलण्डर का इंतजार कर रहे थे उनका इंतजार खत्म। प्रस्तुत है आप के गूगल मित्र के सौजन्य से गूगल कैलण्डर
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Posted on अप्रैल 9th, 2006 द्वारा पंकज
२००३ में शादी के बाद मेरा प्रोजेक्ट सैन डिऐगो में था, नवविवाहितों के लिए सैन डिऐगो वैसे भी खूबसूरत जगह है। उन्हीं दिनों मैंने हिन्दी चिट्ठाकरी भी शुरु की थी (शादी और हिन्दी ब्लॉगिंग का कोई रिश्ता नहीं है, नारद जी व शुक्ला जी नोट करें) हम लोग मीरा मेसा नामक जगह पर रहते […]
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