Posted on अगस्त 25th, 2006 द्वारा पंकज
लगता है थोड़े ही समय की बात है गूगल पर हिन्दी के विज्ञापनों की भरमार होनी चाहिए। आज नारद के विज्ञापन को टायरु वालों से हटाकर गूगल पर किया तो निम्न विज्ञापन के दर्शन हुए। देखिए एक हिन्दी में है व दूसरा बे-एरिया जहां मैं रहता हूँ में हिन्दी सीखाने का विज्ञापन है -एकदम कन्टेक्सट […]
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Posted on अगस्त 17th, 2006 द्वारा अनूप
वागर्थ के अगस्त ,२००६ अंक में हमारे ब्लागजगत की जानी-पहचानी लेखिका तथा निरंतर की संपादक मंडली की सदस्या प्रत्यक्षा की कहानी छपी है। प्रत्यक्षा जी को बधाई देते हुये यह अनुरोध है कि अपनी कहानी को कालर ऊँचा करके अपने ब्लाग में भी पोस्ट कर दें ताकि वह जनता भी जनार्दन इसे पढ़ सके जिसके पास तक वागर्थ पहुँचना मुश्किल है।
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Posted on अगस्त 16th, 2006 द्वारा पंकज
आज कल हिन्दी ब्लॉगमंडल में चर्चा चल रही है कि क्या ब्लॉगविधा से पैसा बनाया जा सकता है। मेरा अपना मानना है कि यदि बिना रचानात्मकता व सुंदरता खोए किसी सजाल से पैसा बन सकता है तो क्यों नहीं। मैं भी इस विचार को टेस्ट कर रहा हूँ। इस दिशा में नारद पर प्रथम पृष्ठ […]
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Posted on अगस्त 3rd, 2006 द्वारा आलोक
विकीपीडिया के बारे में अधिकतर लोग जानते हैं। यहाँ पर कोई भी लेख डाल सकता है, और लेख उठा सकता है - लेकिन मुक्त प्रलेखन अनुमति पत्र (एफ़ डी एल) के तहत।
विकीपीडिया का किसी भी तरह इस्तेमाल करने के पहले इस अनुमतिपत्र को ध्यान से पढ़ें। ये न सोचें कि क़ानून लागू कैसे होगा, हमें […]
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