और ये अनुगूँज २३ शुरू!

धक्के से ही सही, पर अनुगूँज २३: कंप्यूटर प्रयोग अब तो शुरू हो चुकी है, आप भी लिखिए। आशा है ज्ञान जी शीघ्र ही अपनी प्रविष्टि पर अनुगूँज का लोगो आदि भी लगा डालेंगे!

ब्लॉगिंग में भी रिश्ते बन जाते हैं - 2

फुरसतिया जी ने अपने पोस्ट - ब्लॉगिंग में भी रिश्ते बन जाते हैं में हिन्दी चिट्ठाकार आशीष श्रीवास्तव जिनके हिन्दी ग्राम में अभी शादी-विवाह के उपलक्ष्य में छुट्टी सी चल रही है, की सगाई के बारे में लिखा था. 1 दिसम्बर को आशीष का विवाह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ. वर-वधु को हिन्दी ब्लॉगजगत् की […]