<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><!-- generator="wordpress/2.0.2" -->
<rss version="0.92">
<channel>
	<title>अक्षरग्राम</title>
	<link>http://www.akshargram.com</link>
	<description>हिन्दी चिट्ठाकारों की चपल चौपाल</description>
	<lastBuildDate>Fri, 29 Feb 2008 05:09:40 +0000</lastBuildDate>
	<docs>http://backend.userland.com/rss092</docs>
	<language>en</language>
	
	<item>
		<title>अब हम भी ताऊ हैं, भतीजे का आगमन जो हुआ है.</title>
		<description>चौपाल है सुचना लेने देने के लिए. खुशी के क्षण है. पंकज बेंगाणी जो की हिन्दी चिट्ठाकार है, और मेरे अनुज है को कल पुत्र की प्राप्ति हुई. साथ ही मैं भी अब बुजुर्गो की श्रेणी में आ गया हूँ, अब मैं भी ताऊ बन गया हूँ. बहुत खुशी का ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/02/29/658/</link>
			</item>
	<item>
		<title>चिट्ठाजगत-संकलक के आँकड़े - कौन सी सेवा पसन्द करते हैं हिन्दी के चिट्ठाकार?</title>
		<description>मूल प्रविष्टि यहाँ थी, पर शुक्रवारी खामियाजा भुगतते हुए वह सोमवार तक दब गई, इसलिए यहाँ फिर से छाप रहा हूँ। 

यूँ ही खाली बैठे थे - चिट्ठाजगत-संकलक कुछ दिन पहले बैंकॉक घूम के आया था, तब तक चिन्ता थी, अब आराम फ़रमाते हुए सोचा कि देखते हैं कुछ आँकड़े।

आइए, देखते हैं कि ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/02/25/657/</link>
			</item>
	<item>
		<title>चिट्ठाजगत.इन संकलक कुछ घंटों के लिए अनुपलब्ध, तकनीकी समस्या, निदान शीघ्र</title>
		<description>तकनीकी वजहों से चिट्ठाजगत.इन संकलक कुछ घंटों के लिए अनुपलब्ध रह सकता है। समस्या का निदान शीघ्र हो जाएगा, निदान होते ही सूचित करेंगे। धन्यवाद। </description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/02/16/656/</link>
			</item>
	<item>
		<title>प्रोफेसर र.कृ, जोशी को चिट्ठाकारों की श्रद्धाञ्जली</title>
		<description>अक्षरग्राम की इस चौपाल का उपयोग चिट्ठाकारों द्वारा किसी घोषणा के लिए होता रहा है, और इसका उद्देश्य भी यही है.

इसी चौपाल से हिन्दी चिट्ठाकार आज प्रोफेसर र.कृ, जोशी को श्रद्धाञ्जली देते है. हम चिट्ठाकारी के माध्यम से हिन्दी के प्रसार का दावा करते रहे है, मगर सच्चाई यह है ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/02/08/655/</link>
			</item>
	<item>
		<title>स्वर्ण कलम 2007 के विजेताओं की घोषणा</title>
		<description>स्वर्ण कलम 2007 की चुनावी प्रक्रिया के समाप्त होने के साथ ही साल का पहला चिट्ठा-उत्सव समाप्त हो रहा है.
 
महीने भर चले इस उत्सव में हिन्दी चिट्ठाकारों ने नामांकन तथा मतदान में भारी उत्साह से भाग लिया.
 
इस वर्ष जिन्हे चिट्ठाकारों तथा चिट्ठापाठको के सर्वाधिक मत मिले और विजयी रहे वे हैं:



रंजना भाटियाजी ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/01/30/654/</link>
			</item>
	<item>
		<title>सम्मानित होते चिट्ठाकार</title>
		<description>जब कोई चिट्ठाकार सम्मानित होता है तब "हिन्दी चिट्ठाकार परिवार" भी खुद को सम्मानित महसूस करता है. 
 

खबर मिली है की “जाने माने ब्लॉगिंग विशेषज्ञ, अंतरजाल पर हिंदी की प्रतिष्ठा के लिए समर्पित टेक्नोक्रेट, छत्तीसगढ़ी भाषा में आपरेटिंग सिस्टम विकसित करने वाले रविशंकर श्रीवास्तव उर्फ रवि रतलामी को वर्ष 2007-08 ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/01/27/653/</link>
			</item>
	<item>
		<title>हिन्दी चिट्ठाकारों ने इन्हे नामांकित किया है&#8230;सबको बधाई</title>
		<description>तरकश द्वारा आयोजित स्वर्ण कलम 2007 चुनाव की नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और अब चयनित नामों पर मतदान शुरू हो रहा हैं. नामांकन प्रक्रिया के दौरान लगभग 120 से अधिक नामांकन दर्ज हुए. हालाँकि यह अपेक्षा से कम थे, परंतु इससे हमें दोनों श्रेणियों के लिए शीर्ष के ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/01/23/652/</link>
			</item>
	<item>
		<title>फक्कड़ ब्लॉगरीया नामांकन अभी जारी रहेगा</title>
		<description>सर्वश्रेष्ट ब्लॉगर 2007 के लिए कल यानी 10 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो जानी चाहिए थी, मगर बहुत सारे ई-पत्र मिल रहे हैं जिनमें नामांकन प्रक्रिया को कुछ दिन और जारी रखने का अनुरोध किया गया है. हम ज्यादा लम्बा खींचना भी नहीं चाहते मगर सबकी भावनाओं का भी ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/01/11/651/</link>
			</item>
	<item>
		<title>हिन्दी चिट्ठाकार और पन्द्रह दिन का उत्सव</title>
		<description>“सर्वश्रेष्ट चिट्ठाकार” का चयन और फिर “स्वर्ण कलम” पुरस्कार दिया जाना एक जनवरी से पन्द्रह जनवरी तक चलने वाला हिन्दी चिट्ठाकारीता का अपना सालाना उत्सव है, इसमें एक से दस जनवरी तक नामांकन भेजे जायेंगे है, यह प्रक्रिया उत्साहपूर्वक अभी जारी है और फिर ग्यारह से पन्द्रह जनवरी तक मतदान ...</description>
		<link>http://www.akshargram.com/2008/01/08/650/</link>
			</item>
	<item>
		<title>और ये अनुगूँज २३ शुरू!</title>
		<description> धक्के से ही सही, पर अनुगूँज २३: कंप्यूटर प्रयोग अब तो शुरू हो चुकी है, आप भी लिखिए। आशा है ज्ञान जी शीघ्र ही अपनी प्रविष्टि पर अनुगूँज का लोगो आदि भी लगा डालेंगे! </description>
		<link>http://www.akshargram.com/2007/12/24/649/</link>
			</item>
</channel>
</rss>
