विसंगति

From सर्वज्ञ

सिर राखे सिर जात है , सिर काटे सिर होय । जैसे बाती दीप की , कटि उजियारा होय ॥ — कबीरदास

लघुता से प्रभुता मिलै , कि प्रभुता से प्रभु दूर । ची‍टी ले शक्कर चली , हाथी के सिर धूल ॥ — बिहारी

थोडा चुराओ , जेल जाओ । अधिक चुराओ , राजा बन जाओ ॥ — बाब डाइलन

लोग आदेश के बजाय मिथक से , तर्क के बजाय नीति-कथा से , और कारण के बजाय संकेत से चलाये जाते हैं ।

कहकर बताने के बहुत से प्रयत्न अत्यधिक कह देने के कारण व्यर्थ चले जाते हैं ।

ज्ञान की अपेक्षा अज्ञान ज्यादा आत्मविश्वास पैदा करता है । — चार्ल्स डार्विन

संसार मे समस्या यह है कि मूढ लोग अत्यन्त सन्देहरहित होते है और बुद्धिमान सन्देह से परिपूर्ण । — जार्ज बर्नार्ड शा

किसी विषय से परिचित होने का सर्वोत्तम उपाय है , उस विषय पर एक किताब लिखना । — डिजराइली

विद्वानो की विद्वता बिना काम के बैठने से आती है ; और जिस व्यक्ति के पास कोई काम नहीं है , वह महान बन जायेगा ।

शब्दो का एक महान उपयोग है , अपने विचारों को छिपाने में ।

वह आदमी अवश्य ही अत्यन्त अज्ञानी होगा ; वह उन सारे प्रश्नों का उत्तर देता है जो उससे पूछे जाते हैं ।

यदि तुम्हारे कोई दुश्मन नही हैं , यह इसका संकेत है कि भाग्य तुमको भूल गयी है ।

कोई खोज जितनी ही मौलिक होती है , बाद में उतनी ही साफ ( स्वतः स्पष्ट ) लगती है ।

आलसी लोग सदा व्यस्त रहते हैं ।

अधिक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सफल होने की सम्भावना ज्यादा होती है ।

शक्ति के दुख वास्तविक हैं और सुख काल्पनिक ।

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