Deshbhakti

From सर्वज्ञ

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[edit] देश-भक्ति गीत

[edit] वन्दे मातरम् - बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय

वन्दे मातरम् </br> सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम् </br> शस्य श्यामलां मातरं |</br>

शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम् </br> फुल्ल कुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, </br> सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम् .</br> सुखदां वरदां मातरम् .. वन्दे मातरम्</br>

सप्त कोटि कण्ठ कलकल निनाद कराले </br> निसप्त कोटि भुजैर्ध्रुत खरकरवाले </br> के बोले मा तुमी अबले </br> बहुबल धारिणीं नमामि तारिणीम् </br> रिपुदलवारिणीं मातरम् .. वन्दे मातरम् </br>

तुमि विद्या तुमि धर्म,</br> तुमि हृदि तुमि मर्म </br> त्वं हि प्राणाः शरीरे </br> बाहुते तुमि मा शक्ति,</br> हृदये तुमि मा भक्ति, </br> तोमारै प्रतिमा गडि मंदिरे मंदिरे .. वन्दे मातरम् </br>

त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी </br> कमला कमलदल विहारिणी </br> वाणी विद्यादायिनी,</br> नमामि त्वाम् नमामि कमलां अमलां अतुलाम् </br> सुजलां सुफलां मातरम् .. वन्दे मातरम् </br>

श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम् धरणीं भरणीं मातरम् .. वन्दे मातरम् </br>

[edit] जन गण मन अधिनायक जय हे - रवीन्द्रनाथ ठाकुर

-1-</br> जन गण मन अधिनायक जय हे</br> भारत भाग्यविधाता</br> पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा</br> द्राविड़ उत्कल बंग</br> विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा</br> उच्छल जलधि तरंग</br> तव शुभ नामे जागे</br> तव शुभ आशिष मांगे</br> गाहे तव जयगाथा</br> जन गण मंगलदायक जय हे</br> भारत भाग्यविधाता</br> जय हे, जय हे, जय हे</br> जय जय जय जय हे!</br>

-2- </br> अहरह तव आह्नान प्रचारित,</br> शुनि तव उदार वाणी-</br> हिन्दु-बौद्ध-शिख-जैन-पारसिक-</br> मुसलमान-खृष्टानि</br> पूरब-पश्चिम आसे</br> तव सिहांसनपाशे</br> प्रेमहार, हय गाथा,</br> जन-गण-ऐक्य-विधायक जय हे</br> भारत-भाग्य-विधाता</br> जय हे, जय हे, जय हे,</br> जय जय जय जय हे</br>

-३-</br> पतन-अभ्युदय-वन्धुर-पंथा,</br> युगयुग धावित यात्री,</br> हे चिर-सारथी,</br> तव रथ चक्रेमुखरित पथ दिन-रात्रि</br> दारुण विप्लव-माझे</br> तव शंखध्वनि बाजे,</br> सन्कट-दुख-श्राता,</br> जन-गण-पथ-परिचायक जय हे</br> भारत-भाग्य-विधाता,</br> जय हे, जय हे, जय हे,</br> जय जय जय जय हे</br>

-४-</br> घोर-तिमिर-घन-निविङ-निशीथ</br> पीङित मुर्च्छित-देशे</br> जाग्रत दिल तव अविचल मंगल</br> नत नत-नयने अनिमेष</br> दुस्वप्ने आतंके</br> रक्षा करिजे अंके</br> स्नेहमयी तुमि माता,</br> जन-गण-दुखत्रायक जय हे</br> भारत-भाग्य-विधाता,</br> जय हे, जय हे, जय हे,</br> जय जय जय जय हे</br>

-५-</br> रात्रि प्रभातिल उदिल रविच्छवि</br> पूरब-उदय-गिरि-भाले,</b> साहे विहन्गम, पूएय समीरण</br> नव-जीवन-रस ढाले,</br> तव करुणारुण-रागे</br> निद्रित भारत जागे</br> तव चरणे नत माथा,</br> जय जय जय हे, जय राजेश्वर,</br> भारत-भाग्य-विधाता,</br> जय हे, जय हे, जय हे,</br> जय जय जय जय हे</br>

[edit] सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा

-- मोहम्मद इकबाल</br>

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा</br> हम बुलबुले हैं इसकी, वो गुलसितां हमारा</br>

पर्वत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का</br> वो संतरी हमारा, वो पासवां हमारा,</br> सारे...</br>

गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियां</br> गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा</br> सारे....</br>

मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना</br> हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्तां हमारा, </br> सारे...</br>

[edit] आओ बच्चों तुम्हे दिखायें

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की</br> इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की</br> वंदे मातरम ...</br>

उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है</br> दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट है</br> जमुना जी के तट को देखो गंगा का ये घाट है</br> बाट-बाट पे हाट-हाट में यहाँ निराला ठाठ है</br> देखो ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की,</br> इस मिट्टी से ...</br>

ये है अपना राजपूताना नाज़ इसे तलवारों पे</br> इसने सारा जीवन काटा बरछी तीर कटारों पे</br> ये प्रताप का वतन पला है आज़ादी के नारों पे</br> कूद पड़ी थी यहाँ हज़ारों पद्‍मिनियाँ अंगारों पे</br> बोल रही है कण कण से कुरबानी राजस्थान की</br> इस मिट्टी से ...</br>

देखो मुल्क मराठों का ये यहाँ शिवाजी डोला था</br> मुग़लों की ताकत को जिसने तलवारों पे तोला था</br> हर पावत पे आग लगी थी हर पत्थर एक शोला था</br> बोली हर-हर महादेव की बच्चा-बच्चा बोला था</br> यहाँ शिवाजी ने रखी थी लाज हमारी शान की</br> इस मिट्टी से ...</br>

जलियाँ वाला बाग ये देखो यहाँ चली थी गोलियाँ</br> ये मत पूछो किसने खेली यहाँ खून की होलियाँ</br> एक तरफ़ बंदूकें दन दन एक तरफ़ थी टोलियाँ</br> मरनेवाले बोल रहे थे इनक़लाब की बोलियाँ</br> यहाँ लगा दी बहनों ने भी बाजी अपनी जान की</br> इस मिट्टी से ...</br>

ये देखो बंगाल यहाँ का हर चप्पा हरियाला है</br> यहाँ का बच्चा-बच्चा अपने देश पे मरनेवाला है</br> ढाला है इसको बिजली ने भूचालों ने पाला है</br> मुट्ठी में तूफ़ान बंधा है और प्राण में ज्वाला है</br> जन्मभूमि है यही हमारे वीर सुभाष महान की</br> इस मिट्टी से ...</br>




[edit] ऐ मेरे वतन के लोगो

ऐ मेरे वतन के लोगों</br> तुम खूब लगा लो नारा</br> ये शुभ दिन है हम सब का</br> लहरा लो तिरंगा प्यारा</br> पर मत भूलो सीमा पर</br> वीरों ने है प्राण गँवाए</br> कुछ याद उन्हें भी कर लो -२</br> जो लौट के घर न आये -२</br>

ऐ मेरे वतन के लोगों</br> ज़रा आँख में भर लो पानी</br> जो शहीद हुए हैं उनकी</br> ज़रा याद करो क़ुरबानी</br>

जब घायल हुआ हिमालय</br> खतरे में पड़ी आज़ादी</br> जब तक थी साँस लड़े वो</br> फिर अपनी लाश बिछा दी</br> संगीन पे धर कर माथा</br> सो गये अमर बलिदानी</br> जो शहीद...</br>

जब देश में थी दीवाली</br> वो खेल रहे थे होली</br> जब हम बैठे थे घरों में</br> वो झेल रहे थे गोली</br> थे धन्य जवान वो आपने</br> थी धन्य वो उनकी जवानी</br> जो शहीद...</br>

कोई सिख कोई जाट मराठा</br> कोई गुरखा कोई मदरासी</br> सरहद पर मरनेवाला</br> हर वीर था भारतवासी</br> जो खून गिरा पर्वअत पर</br> वो खून था हिंदुस्तानी</br> जो शहीद...</br>

थी खून से लथ-पथ काया</br> फिर भी बन्दूक उठाके</br> दस-दस को एक ने मारा</br> फिर गिर गये होश गँवा के</br> जब अन्त-समय आया तो</br> कह गये के अब मरते हैं</br> खुश रहना देश के प्यारों</br> अब हम तो सफ़र करते हैं</br> क्या लोग थे वो दीवाने</br> क्या लोग थे वो अभिमानी</br> जो शहीद...</br>

तुम भूल न जाओ उनको</br> इस लिये कही ये कहानी</br> जो शहीद...</br>

जय हिन्द... जय हिन्द की सेना -२</br> जय हिन्द, जय हिन्द, जय हिन्द</br>

[edit] इन्साफ़ की डगर पे

इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के</br> ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के</br> दुनिया के रंज सहना और कुछ न मुँह से कहना</br> सच्चाइयों के बल पे आगे को बढ़ते रहना</br> रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल के</br> इन्साफ़ की ...</br>

अपने हों या पराए सबके लिये हो न्याय</br> देखो कदम तुम्हारा हरगिज़ न डगमगाए</br> रस्ते बड़े कठिन हैं चलना सम्भल-सम्भल के</br> इन्साफ़ की ...</br>

इन्सानियत के सर पर इज़्ज़त का ताज रखना</br> तन मन भी भेंट देकर भारत की लाज रखना</br> जीवन नया मिलेगा अंतिम चिता में जल के,</br> इन्साफ़ की ...</br>


[edit] विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

(झण्डा ऊँचा रहे हमारा</br> विजयी विश्व तिरंगा प्यारा) -२</br> झण्डा ऊँचा रहे हमारा</br>

सदा शक्ती बरसाने वाला</br> प्रेम सुधा सरसाने वाला</br> वीरों को हर्षाने वाला</br> मातृ भूमी का तन मन सारा -२</br> झण्डा ऊँचा रहे हमारा ...</br>

स्वतंत्रता के भीशण रण में</br> रख (?) कर जोश बढ़े क्षण-क्षण में</br> काँपे शत्रु देखकर मन में</br> मिट जाये भय संकट सारा -२</br> झण्डा ऊँचा रहे हमारा ...</br>

इस झँडे के नीचे निर्भय</br> हो, स्वराज जनता का निश्चय</br> बोलो भारत माता की जय</br> स्वतंत्रता ही ध्येय हमारा -२</br> झण्डा ऊँचा रहे हमारा ...</br>

आओ प्यारे वीरों आओ</br> देश धर्म पर बलि-बलि जाओ</br> एक साथ सब मिल कर गाओ</br> प्यारा भारत देश हमारा</br> झण्डा ऊँचा रहे हमारा ...</br>

शान न इसकी जाने पाये</br> चाहे जान भले ही जाये</br> विश्‍व विजयी कर के दिखलाएं</br> तब होए प्रण पूर्ण हमारा -२</br> झण्डा ऊँचा रहे हमारा ...</br>


[edit] साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल

दे दी हमें आज़ादी बिना खड्‌ग बिना ढाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
आँधी में भी जलती रही गाँधी तेरी मशाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी ...

धरती पे लड़ी तूने अजब ढंग की लड़ाई
दागी न कहीं तोप न बंदूक चलाई
दुश्मन के किले पर भी न की तूने चढ़ाई
वाह रे फ़कीर खूब करामात दिखाई
चुटकी में दुश्मनों को दिया देश से निकाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी ...
रघुपति राघव राजा राम

शतरंज बिछा कर यहाँ बैठा था ज़माना
लगता था मुश्किल है फ़िरंगी को हराना
टक्कर थी बड़े ज़ोर की दुश्मन भी था ताना
पर तू भी था बापू बड़ा उस्ताद पुराना
मारा वो कस के दांव के उलटी सभी की चाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी ...
रघुपति राघव राजा राम

जब जब तेरा बिगुल बजा जवान चल पड़े
मज़दूर चल पड़े थे और किसान चल पड़े
हिंदू और मुसलमान, सिख पठान चल पड़े
कदमों में तेरी कोटि कोटि प्राण चल पड़े
फूलों की सेज छोड़ के दौड़े जवाहरलाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी ...
रघुपति राघव राजा राम

मन में थी अहिंसा की लगन तन पे लंगोटी
लाखों में घूमता था लिये सत्य की सोंटी
वैसे तो देखने में थी हस्ती तेरी छोटी
लेकिन तुझे झुकती थी हिमालय की भी चोटी
दुनिया में भी बापू तू था इन्सान बेमिसाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी ...
रघुपति राघव राजा राम

जग में जिया है कोई तो बापू तू ही जिया
तूने वतन की राह में सब कुछ लुटा दिया
माँगा न कोई तख्त न कोई ताज भी लिया
अमृत दिया तो ठीक मगर खुद ज़हर पिया
जिस दिन तेरी चिता जली, रोया था महाकाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
रघुपति राघव राजा राम



[edit] चन्दन है इस देश की माटी

चन्दन है इस देश की माटी,
तपोभूमि हर ग्राम है ।
हर बाला देवी की प्रतिमा,
बच्चा-बच्चा राम है ॥

हर शरीर मन्दिर सा पावन,
हर मानव उपकारी है ।
जहाँ सिंह बन गये खिलौने,
गाय जहाँ मा प्यारी है ।
जहाँ सवेरा शंख बजाता,
लोरी गाती शाम है ।
हर बाला देवी की प्रतिमा,
बच्चा-बच्चा राम है ॥

जहाँ कर्म से भाग्य बदलते,
श्रम निष्ठा कल्याणी है ।
त्याग और तप की गाथाएँ,
गाती कवि की वाणी है ॥
ज्ञान जहाँ का गंगा जल सा,
निर्मल है अविराम है ।
हर बाला देवी की प्रतिमा,
बच्चा-बच्चा राम है ॥

इसके सैनिक समर भूमि में,
गाया करते गीता हैं ।
जहाँ खेत में हल के नीचे,
खेला करती सीता हैं ।
जीवन का आदर्श यहाँ पर,
परमेश्वर का धाम है ।
हर बाला देवी की प्रतिमा,
बच्चा-बच्चा राम है ॥

चन्दन है इस देश की माटी,
तपोभूमि हर ग्राम है ।
हर बाला देवी की प्रतिमा,
बच्चा-बच्चा राम है ॥

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