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[edit] "निरंतर" के लिए सामग्री भेजने के नियम व प्रारूप
हिन्दी ब्लॉगज़ीन "निरंतर" के लिए सामग्री आमंत्रित हैं। अगले महीने के अंक के लिए सामग्री प्राप्ति की अंतिम तिथि होगी माह की १५ तारीख।
- पूछिये फुरसतिया सेः इस स्तंभ के लिए आप फुरसतिया महाशय से पूछ सकते हैं मनोरंजक, शरारती, दार्शनिक, सीधे या टेड़े मेड़े यानि कैसे भी सवाल।
- हलचलः बीते माह के दौरान ब्लॉगजगत से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण खबर की कड़ी या संक्षेप। केवल हिन्दी नहीं किसी भी भाषा के ब्लॉग से जुड़ी खबरों का स्वागत है, स्रोत की कड़ी भी हो तो क्या कहनें।
- निधिः माह के दौरान यदि आपने किसी तकनीकि जिज्ञासा का हल खोजा हो या किसी ने आपके या किसी और के किसी ऐसे सवाल का हल बताया हो तो हमें बतायें। ऐसे मौके चिट्ठाकार मेलिंग ग्रुप या अक्षरग्राम पर अक्सर आते ही रहते हैं, याद कीजिए बस! साथ ही भेज सकते हैं ज्ञानवर्धक आलेख व ट्यूटोरियल्स।
- चिट्ठा जोरदारः आप रोज कई चिट्ठे पढ़ते हैं कुछ आप पर गहरी छाप छोड़ जाते हैं। माह के दौरान यदि ऍसे किसी चिट्ठा प्रविष्टि का आपको ध्यान हो तो बतायें। साथ में हो स्थाई कड़ी और आपकी टिप्पणी।
- वातायन आपकी स्वलिखित कविता, लघुकथा या प्रहसन। इस स्तंभ के लिए लतीफों तथा कार्टून का भी स्वागत है।
- आंखन देखी: आपके कैमरे की नज़र से कोई नायाब दृश्य। फोटो अप्रकाशित हो, कैप्शन साथ भेजें।
- रायशुमारीः ऐसा कोई सवाल जिस पर आप औरों की भी राय जानना चाहते हों। "निरंतर" पर हम विषय पर छोटा सा चुनाव करा सकते हैं। सवाल के साथ विकल्प भी भेजें।
- उनके श्रीमुख सेः माह के दौरान किसी चिट्ठा प्रविष्टि से ली गई रोचक उक्ति। अनमोल वचन जो आप और अन्य अपनी डायरी में सहेज कर रखना चाहेंगे।
- समीक्षाः यदि आप किसी अन्य हिन्दी या किसी भी अन्य भाषा के चिट्ठे की समीक्षा भेजना चाहते हैं तो अवश्य भेजें। नए चिट्ठाकार का परिचय या संक्षिप्त साक्षात्कार भी भेज सकते हैं, चित्र भी हो तो बेहतर।
- कड़ी की झड़ीः अंर्तजाल पर कोई रुचिकर, मनोरंजक लिंक
[edit] नियम
- सामग्री भेजते समय ध्यान रखें की "स्तंभ" जिस के लिए सामग्री भेज रहे हैं उसका नाम आलेख में स्पष्ट लिखा हो।
- कृपया अन्य जालस्थलों से सामग्री न "उठायें" क्योंकि कॉपीराईट की जिम्मेवारी "निरंतर" संपादक मंडल की है। जहाँ संभव हो सामग्री के मूल स्रोत और रचनाकार का उल्लेख करें।
- प्रकाशन का अधिकार "निरंतर" संपादक मंडल के पास सुरक्षित है। सामग्री का भेजना मात्र प्रकाशन की गारंटी नहीं है। चुंकि सारी भेजी सामग्री का उपयोग संभव न हो अतः शेष उपयोगी सामग्री (जो असामयिक न हो) आगामी अंकों में शामिल की जा सकती है।
- उद्धरित सामग्री के अलावा सभी सामग्री जाल पर अप्रकाशित होनी चाहिए यानि प्रकाशन के पूर्व सामग्री "चिट्ठाकार" समूह या अन्य लोगों से बांटे नहीं, जाहिर है "निरंतर" में हम बासी सामग्री प्रकाशित नहीं करना चाहेंगे।
- "निरंतर" में प्रकाशन के एक सप्ताह बाद ही आप भेजी गई सामग्री अपने ब्लॉग या जालस्थल पर प्रकाशित कर सकते हैं।
- प्रेषित सामग्री के प्रकाशन पर निर्णय लेने में समय लग सकता है अतः कृपया एक ही सामग्री विभिन्न प्रकाशन स्थलों को न भेजें। यदि निरंतर पर प्रकाशन हेतु भेजी सामग्री ब्लॉग पत्रिका पर प्रकाशन के पूर्व या समानान्तर रूप से किसी अन्य जालस्थल पर प्रकाशित कि जाती है तो निरंतर संबंधित लेखक से भविष्य में कोई भी रचना स्वीकार न करने का कटु निर्णय लेने को बाध्य हो सकता है।
- कॉपीराईटः मूल सामग्री का कॉपीराईट लेखक के पास ही सुरक्षित रहेगा। पर अन्य भाषा से अनुदित सामग्री का कॉपीराईट अनुवादक के पास सुरक्षित रहेगा।
- पारिश्रमिकः निरंतर एक स्वयंसेवी पत्रिका है, इसका प्रकाशन करने वाले लोग व्यावसायिक रूप से प्रकाशन से नहीं जुड़े हैं। अतः निरंतर पर (फिलहाल) प्रकाशित सामग्री पर कोई पारिश्रमिक देय नहीं है।
- निरंतर पर हम पूर्णविराम के लिए "।" तथा अंकों के लिए देवनागरी की ही लिपि (१,२,३...) का प्रयोग करते हैं। अपनी रचनाओं में इस बात का ध्यान रखें।
[edit] पता
आप हमें अंक पर अपनी रचना, प्रतिक्रिया, सुझाव और नाराज़गी इस पते पर भेजें: patrikaa at gmail dot com

