Proof reading
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[edit] प्रूफ रीडिंग के नियम
अपने अपने चिट्ठों पर हम विभिन्न डिज़ाइन प्रयोग करते है, पर उसे निरन्तर के किसी लेख में कापी करते समय हमें ध्यान रखना है कि सारा मसौदा एकसार लगे।
प्रूफ रीडिंग करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें -
- पैरा बनाने, कड़ी देने, सूची बनाने, शीर्षक लिखने, आदि के अभिकल्प (design) के लिए मार्च अंक को देखें और वही अभिकल्प प्रयोग करें।
- वाक्यों के अन्त में एक जैसे पूर्ण विराम की आवश्यकता है, विभिन्न चिट्ठों पर जो भी प्रयोग हो रहे हों। सही पूर्ण विराम यह है -- "।", न कि अँग्रेज़ी वाला "." और न लम्बा "|"।
- निम्न चिह्नों से पहले खाली स्थान नहीं होना चाहिए, पर बाद में एक खाली स्थान होना चाहिए
- पूर्ण विराम ।
- अल्प-विराम ,
- सेमी कोलन ;
- ब्रेकेट-बन्द )
- Closing quotes " and '
- निम्न चिह्नों से पहले एक खाली स्थान होना चाहिए, पर बाद में नहीं होना चाहिए -
- ब्रेकेट-आरंभ (
- Opening quotes " and '
- निम्न चिह्नों से पहले और बाद में एक खाली स्थान होना चाहिए
- डैश --
- कोलन : (अन्यथा यह विसर्ग जैसा लगता है)
- निम्न चिन्हों से पहले और बाद में खाली स्थान नहीं होना चाहिए
- हाइफन -
- अन्य आम ग़लतियाँ जिन पर ध्यान दिया जा सकता है।
- "ि" और "ी" की मात्राओं की अदला-बदली
- नुक्ते वाले अक्षर (ज़, ग़, आदि)
- ड़ के स्थान पर ङ
- अनुनासिक ध्वनि वाले शब्द (जैसे कन्धा, रंग) प्रयोग करते समय निम्न नियम का पालन करें
- यदि आधे ङ, ञ, ण, न, म का प्रयोग करना है तो कौन सा प्रयोग करना है यह आगे आने वाले अक्षर पर निर्भर करता है जैसे क-ख-ग-घ से पहले ङ्, ट-ठ-ड-ढ से पहले ण्, प-फ-ब-भ से पहले म्। उदाहरणतः अङ्क, डण्डा, अन्त सही हैं, जबकि अन्क, डन्डा और अण्त ग़लत। या फिर रामबाण है सब की जगह अनुस्वार (ं) प्रयोग करना। अंक, डंडा, अंत, सब सही हैं।
- जहाँ पर स्वर नासिक हो, वहाँ पर चन्द्रबिन्दु (ँ) का प्रयोग करें, यदि मात्रा के ऊपर जगह हो तो। जैसे जहाँ, सूँघना, कुँवर सही है, पर सिँह, सीँग, केँचुआ, सौँठ ग़लत है। सिंह, सींग, केंचुआ, सौंठ सही हैं।
- गिनती हम कई बार अँग्रेज़ी वाली (1, 2, 3) प्रयोग करते हैं और कई बार देवनागरी वाली (१, २, ३)। इस पर सहमति बनाने की आवश्यकता है कि कौन सा प्रयोग सही है, ताकि एक सा प्रयोग सभी करें।
ऊपर दिए सभी मुद्दों पर सुझावों का स्वागत है - रमण।

