Touch Typing

From सर्वज्ञ

टच टाइपिंग प्रणाली से अर्थ टाइपिंग की ऐसी विधि से है जिसमें टाइपिस्ट बिना कीबोर्ड को देखे केवल अभ्यास के आधार पर टाइप करता है। इसके लिए प्रयोगकर्ता को कुछ समय कीबोर्ड का बिना देखे अभ्यास करना पड़ता है, यह प्रक्रिया चरणबद्ध तौर पर संपन्न की जाती है जिससे उसकी अंगुलियाँ कीबोर्ड पर विभिन्न कुंजियों पर जम जाती हैं। अभ्यास करते करते वह इतना प्रवीण हो जाता है कि एक सामान्य टाइपिस्ट से कई गुणा गति से टाइप कर सकता है।

इंग्लिश की केवल एक टच टाइपिंग प्रणाली है रेमिंगटन टाइपिंग

हिन्दी भाषा की दो टच टाइपिंग प्रणालियाँ हैं: इनस्क्रिप्ट तथा रेमिंगटन

रेमिंगटन हिन्दी टाइपिंग की सबसे पुरानी विधि है। कंप्यूटर पर यह केवल उनके लिए उपयोगी है जिन्हें इसका टाइपराइटर पर पूर्वाभ्यास हो। इसे सीखना कठिन होता है तथा इस प्रक्रिया में महीनों लगते हैं अतः आजकल इसका प्रचलन घटता जा रहा है तथा इसका स्थान फोनेटिक तथा इनस्क्रिप्ट ले रही हैं।

फोनेटिक मूलतः टच टाइपिंग प्रणाली नहीं है लेकिन यदि आपको इंग्लिश की रेमिंगटन टाइपिंग आती हो तो इसे भी टच टाइपिंग के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है, यद्यपि इसमें टाइप करने हेतु कुंजियाँ अधिक दबानी पड़ती हैं। लेकिन फायदा यह है कि केवल एक ही टाइपिंग सीखनी पड़ती है - इंग्लिश वाली, उसी से दोनों भाषाओं में काम हो जाता है।

इनस्क्रिप्ट टच टाइपिंग में स्पीड, सरलता तथा वैज्ञानिकता के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ टाइपिंग प्रणाली है। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि इसे सीखना अत्यंत आसान है। इसमें केवल एक दिन में भी शुरुआत की जा सकती है, एकाध हफ्ते में अभ्यास बनने लगता है तथा एक महीने में काफी अच्छी गति बन जाती है।

निष्कर्ष: यद्यपि मूलतः हिन्दी के लिए इनस्क्रिप्ट मानक टच टाइपिंग प्रणाली है लेकिन इसमें यह चक्कर है कि हिन्दी तथा इंग्लिश के लिए अलग-अलग पद्धतियाँ सीखनी पड़ेंगी।

अतः यदि आपको मुख्यतः हिन्दी में ही काम करना होता है तो इनस्क्रिप्ट सीखें और यदि आपको इंग्लिश में अधिक काम करना होता है या दोनों भाषाओं में समान मात्रा में काम करना होता है तो इंग्लिश की टाइपिंग सीखें।

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